अखबारों के बारे में यह जानकारी आपमें रोमांच पैदा कर देगी

आरएनआई ने भारत के समाचार पत्रों के बारे में वार्षिक रिपोर्ट जारी की है. कुछ अखबार इसे सराहेंगे तो कुछ फूले नहीं समायेंगे. आप भी जानिये इस रोचक आंकड़े कोnewspapers

इलेक्ट्रानिक मीडिया के बढते प्रसार के बावजूद देश में समाचार पत्र और पत्रिकाओं की प्रसार संख्या लगातार बढ रही है और पिछले वर्ष के दौरान यह 45 करोड़ के पार पहुंच गई।   भारतीय समाचार पत्रों के पंजीयक आरएनआई द्वारा संकलित प्रिंट मीडिया की 58 वीं वार्षिक रिपोर्ट, प्रेस इन इंडिया 2013-14 के मुताबिक पिछले वर्ष के दौरान देश में हिंदी समाचार पत्रों और पत्रिकाओं प्रसार की संख्या 22 करोड़ 64 लाख 75 हजार 517 पहुंच गई है। ये आंकडे पत्र.पत्रिकाओं द्वारा आरएनआई को मुहैया कराए गए आंकडों पर आधारित हैं।

 देश में विभिन्न भाषाओं के समाचार पत्रों और पत्रिकाओं की कुल प्रसार संख्या 45 करोड पांच लाख 86 हजार 212 है। हिंदी भाषा के प्रकाशनों की प्रसार संख्या र्सवाधिक 22 करोड़ 64 लाख 75 हजार 517 है। इस मामले में दूसरा स्थान अंग्रेजी का है, जिसके पत्र-पत्रिकाओं की प्रसार संख्या छह करोड 44 लाख पांच हजार 643 है। उर्दू तीसरे नंबर पर है और उसके अखबारों एवं पत्रिकाओं की प्रसार संख्या तीन करोड 45 लाख 85 हजार 404 है। 

 पिछले साल देश छपने वाले पत्र.पत्रिकाओं की संख्या में 5.95 प्रतिशत की बढोतरी दर्ज हुई है। मार्च 2014 तक देश में पंजीकृत प्रकाशनों की संख्या 99660 पहुंच गयी। इनमें समाचार पत्रों की संख्या 13761 और अन्य पत्रिकाओं की संख्या 85899 है। साल 2013-14 के दौरान कुल 5642 पत्र-पत्रिकाओं का पंजीकरण हुआ जबकि इस दौरान कुल 49 प्रकाशन बंद किए गए। 

अलग अलग भाषा के अखबार   

देश के अधिकांश भूभाग में बोली जाने वाली हिंदी के पंजीकृत प्रकाशनों की संख्या सर्वाधिक 40149 हैं। इनमें 5870 समाचार पत्र और 34289 अन्य पत्र-पत्रिकाएं हैं। दूसरे स्थान पर अंग्रेजी है जिसके पत्र-पत्रिकाओं की संख्या 13138 है। इस क्रम में मराठी तीसरे स्थान पर है जिसमें पत्र-पत्रिकाओं होने वाले पत्र-पत्रिकाओं की कुल संख्या 7155 है।

उर्दू तीसरे नम्बर पर

देश में विभिन्न भाषाओं के समाचार पत्रों और पत्रिकाओं की कुल प्रसार संख्या 45 करोड पांच लाख 86 हजार 212 है। हिंदी भाषा के प्रकाशनों की प्रसार संख्या र्सवाधिक 22 करोड़ 64 लाख 75 हजार 517 है। इस मामले में दूसरा स्थान अंग्रेजी का है, जिसके पत्र-पत्रिकाओं की प्रसार संख्या छह करोड 44 लाख पांच हजार 643 है। उर्दू तीसरे नंबर पर है और उसके अखबारों एवं पत्रिकाओं की प्रसार संख्या तीन करोड 45 लाख 85 हजार 404 है।

अब भी आनंद में है आनंद बाजार पत्रिका
देश में सर्वाधिक सर्कुलेशन वाला दैनिक आंनद बाजार पत्रिका है, जो बांग्ला में प्रकाशित होता है। इस अखबार ने 11 लाख 81 हजार 112 प्रसार संख्या का दावा किया है। दूसरे नंबर पर मुंबई से प्रकाशित अंग्रेजी अखबार द टाइम्स आफ इंडिया है, जिसकी प्रसार संख्या दस लाख 26 हजार 153 है। सबसे अधिक सर्कुलेशन वाला हिंदी अखबार जालंधर से प्रकाशित होने वाला पंजाब केसरी है, जिसकी प्रसार संख्या सात लाख 23 हजार 862 है।

टाइम्स ऑफ इंडिया के बल्ले-बल्ले 

आरएनआई के मुताबिक सबसे अधिक बहु संस्करण वाला दैनिक द टाइम्स आफ इंडिया. है। इसके 29 संस्करणों की प्रसार संख्या 47 लाख 42 हजार 671 है। दूसरा स्थान हिंदी के अखबार दैनिक भास्कर का है। इसके 35 संस्करणों का सर्कुलेशन 35 लाख 49 हजार 796 है।

सर्वाधिक सर्कुलेशन वाले साप्ताहिक का दावा मुंबई से प्रकाशित होने वाले द संडे टाइम्स आफ इंडिया ने किया है। अखबार ने अपनी प्रचार संख्या दस लाख 21 हजार 260 बताई है। दूसरा स्थान मुंबई से ही प्रकाशित होने वाले संडे नवभारत टाइम्स का है जिसका र्सकलेशन छह लाख 88 हजार 330 है।  सबसे अधिक प्रकाशनों के पंजीकरण के मामले में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है। इस राज्य में सबसे अधिक 15 हजार 209 पत्र-पत्रिकाओं का पंजीकरण है। दूसरा स्थान महाराष्ट्र का है जहां पंजीकृत पत्र-पत्रिकाओं की संख्या 13375 है। देश के कुल 99 हजार 660समाचार पत्र और पत्रिकाएं पंजीकृत हैं लेकिन साल 2013-14 के दौरान केवल 19755 ने ही अपनी वार्षिक विवरणी दाखिल की।

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