अतीत की गाथा बताएगा बिहार संग्रहालय

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा हमने कानून का राज स्थापित किया है तथा सड़क, स्वास्थ्य, बिजली, कृषि, शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों में बिहार में उतरोत्तर प्रगति की है।unnamed (3)

 

मुख्‍यमंत्री ने किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री ने स्थानीय नवनिर्मित बिहार म्यूजियम का लोकार्पण करते हुये सभा को संबोधित करते हुए कहा हमें अपने अतीत पर नाज है, हम इसी मिट्टी में पैदा हुये हैं, इसका हमें गर्व है। हमें बिहारी होने पर भी नाज है। हमारी विरासत काफी समृद्ध है, गौरवशाली इतिहास है। उन्‍होंने कहा कि हमारे पास बहुत कुछ है, जिसे हम प्रदर्शित कर सकते हैं। आज के युग के अनुरूप विरासत को संजोने एवं इतिहास को जानने के लिये ही नहीं बल्कि जो धरोहर बन जाय, इसी उद्देश्य से इस अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के संग्रहालय का निर्माण किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों ने निर्णय लिया था कि बिहार में विश्वस्तरीय म्यूजियम का निर्माण हो। पटना म्यूजियम प्रसिद्ध म्यूजियम रहा है लेकिन हमारी विरासत इतनी समृद्ध है कि हम उस म्यूजियम में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने विरासत को प्रदर्शित नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में नवसंग्रहालय वाद की अवधारणा के तहत जिन प्रदर्शों को प्रदर्शित करते हैं, उसके साथ ही आप इतिहास को जीने भी लगते हैं।

 संस्कृति  संरक्षण

उन्होंने कहा कि अपनी विरासत, अपनी संस्कृति के संरक्षण में विरोधाभास कैसा। अपनी विरासत को लोग क्यों नहीं जानें। बुद्ध, महावीर यहीं हुये थे। शक्तिशाली मौर्य साम्राज्य की स्थापना यहीं हुयी थी। चाणक्य ने चन्द्रगुप्त को यहीं स्थापित किया और ज्ञान दिया। सम्राट अशोक का मौर्यकाल एवं स्वर्णिम गुप्तकाल भारत का इतिहास रहा है। आर्यभट्ट भी यहीं हुये। बहुत सारे विदेशी लोगों ने नालंदा, बिक्रमशीला, उदंतपुरी एवं तेल्हाड़ा का जिक्र किया था। इसके आधार पर प्राचीन भारत में ज्ञान की भूमि के रूप में बिहार चिह्नित हुआ और खुदाई के बाद प्रमाणित भी हुआ। हमें अपने अतीत पर गर्व है।

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