अदालत के फैसले के बाद परिवार के सात लोग समुंद्र में कूदे, 3 की मौत

पुड्डूचोरी के तटीय क्षेत्र में बिहार के परिवार से जुड़ी एक दिल  दहला देने वाली खबर है. अदालत के एक फैसले के बाद परिवार के सात लोग समुंद्र में कूद गये इसमें मां समेत दो बेटियों की मौत हो गयी. जबकि तीन बेटियों और पिता को बचा लिया गया है.

प्रतीकात्मक फोटो

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इंडियन एक्सप्रेस के पत्रकार अरुण जनार्दानन की खबर के अनुसार शांति देवी और उनकी बेटियां अरुणाश्री प्रसाद और राज्यश्री प्रसाद ने समुंद्र में कूद कर आत्महत्या कर ली जबकि उनके पति और अन्य तीन बेटियां हेमलता प्रसाद, जयश्री प्रसाद, निवेदिता प्रसाद को बचा लिया गया.

उच्चतम न्यायालय के आदेश पर पुड्डचेरी स्थित अरविंदो आश्रम के परिसर से घर खाली करने के एक दिन बाद बिहार के सात लोगों का एक पूरा परिवार आज समुद्र में कूद गया, जिससे मां और दो बहनों की मौत हो गई।  पुलिस ने आज बताया कि इस घटना में मां शांता देवीश्री (78) और उसकी दो बेटियों जयश्री प्रसाद, अरूणाश्री प्रसाद की मौत हो गयी। उच्चतम न्यायालय ने गत नौ दिसंबर को पांच बहनों को एक सप्ताह के अंदर अरविंदो परिसर बने मकान को खाली करने का आदेश दिया था। उनके माता-पिता शहर के बाहर दूसरे मकान में रहते थे।

 

घर खाली करने का आदेश मिलने पर पांचों बहनों और उनकी मां ने आत्महत्या करने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि अगर उनसे घर खाली कराया गया तो वे आत्महत्या कर लेंगी।  पूरे परिवार की इस त्रासदी की खबर जैसे ही इलाके में फैली, वेसे ही तनथाई पेरियार द्रविडर कषगम के कार्यर्कताओं ने आश्रम की घेराबंदी कर ली। उन्होंने आश्रम पर पथराव किया, जिसके बाद वहां पहुंची पुलिस से भी उनकी झड़प हो गयी। इस घटना में 31 कार्यकर्ताओं को गिरफतार किया गया है।  कल घर खाली कराये जाने पर हेमलता प्रसाद अंबाभिक्षु भवन के पास बनी पानी की टंकी पर चढ़ गयी और पुलिस ने बडी मुश्किल से उसे नीचे उतारा। इसके बाद पूरे परिवार को महिला पुलिस थाने ले जाया गया।

कुछ समय के बाद बहनों को छोड दिया गया और वें ड्यूमस स्ट्रीट पर अपने पिता गदाधर प्रसाद (85) के घर गयीं और वहीं रात बितायी। सुबह सभी सात लोग कालापेट गये और बंगाल की खाड़ी में कूद गये। वहां लोगों ने जब उन्हें कूदते देखा तो मछुआरे सतर्क हो गये और वे हेमलता प्रसाद, निवेदिता प्रसाद और राजश्री प्रसाद को बचाने में सफल रहे लेकिन दो बेटियां अपनी मां के साथ लहरों में बह गयी। पुलिस ने शव को निकाल लिया है।
पूरे परिवार की इस त्रासदी की खबर जैसे ही इलाके में फैली. वेसे ही तनथाई पेरियार द्रविडर कषगम के कार्यर्कताओं ने आश्रम की घेराबंदी कर ली। उन्होंने आश्रम पर पथराव किया, जिसके बाद वहां पहुंची पुलिस से भी उनकी झड़प हो गयी। इस घटना में 31 कार्यर्कताओं को गिरफ्तार किया गया है।
इसके साथ ही एक अन्य संगठन तमिजार कलाम के कार्यर्कताओं ने भी आश्रम का घेराव किया। पुलिस ने इस संगठन के नौ कार्यर्कताओं को गिरफतार किया है। सरकारी सचेतक जी नेहरू ने मुख्य डाकघर के बाहर आज प्रदर्शन किया और आश्रम के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने आश्रम के सभी मुद्दों की जांच एक प्रशासनिक अधिकारी की अगुआई में गठित आयोग से कराने की मांग की है।  इससे पहले 2002 में हेमलता के खिलाफ आश्रम ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की थी। उसने यह कार्रवाई मद्रास उच्च न्यायालय की एक रिपोर्ट मिलने के बाद की थी। इसके बाद इन बहनों ने आश्रम के ट्रस्ट के खिलाफ यौन प्रताड़ना का आरोप लगाया। राष्ट्रीय महिला आयोग और मानवाधिकार आयोग ने जांच में इस आरोप को बेबुनियाद पाया।

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