अपमानित कर निकाले गये साबिर फिर बने भाजपा के खेवनहार

जिन साबिर अली को भाजपा ने पार्टी में शामिल करने के दूसरे दिन मुख्तार नकवी द्वारा आतंकी यासीन भटकल का रिश्तेदार बताने पर पार्टी से निकाला था उन्हें अब बाइज्जत फिर पार्टी ने शामलि कर लिया है.sabir

पटना स्थित भाजपा के प्रदेश कार्यालय में आज आयोजित एक मिलन समारोह के दौरान पूर्वी चंपारण के रहने वाले साबिर अली को पार्टी के बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव ने भाजपा की सदस्यता फिर से दिलायी.

साबिर का भाजपा में स्वागत करते हुए भूपेंद्र ने कहा कि साबिर अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव के खिलाफ सतत संघर्षशील रहे हैं और अब वह इसे आगे उनकी पार्टी में शामिल होकर जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि भाजपा की गरीब लोगों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में बदलाव लाने और सभी समुदायों के साथ सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की नीति लोगों को उसकी ओर आकर्षित कर रही है.

साबिर वर्ष 2014 तक बिहार में जदयू से राज्यसभा सदस्य रहे थे.

नकवी ने कहा था भटकल का रिश्तेदार

साबिर अली को शिवहर से लोकसभा का टिकट जद यू ने दिया था लेकिन उन्होंने हार के डर से चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था.

वह गत 28 मार्च को भाजपा में शामिल हो गए थे लेकिन पार्टी में आलोचना, खासकर भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी के विरोध के बाद उन्हें अगले ही दिन पार्टी से निकाल दिया गया था। नकवी ने अपने ट्वीट में उनका संबंध आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के गिरफ्तार सह संस्थापक यासीन भटकल से होने की ओर इशारा किया था. साबिर ने नकवी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था. साबिर की पत्नी नकवी के घर पर विरोध स्वरूप धरने पर बैठ गयी थीं. लेकिन उसके बाद नकवी और साबिर में समझौता हो गया.

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