अब रिटार्यड नौकरशाह पर भी बिना मंजूरी नहीं चलेगा मुकदमा

केद्र सरकार ने एक ऐसे विधेयक को मंजूरी दे दी है जिसमें कार्यरत और रिटार्यड नौकरशाहों के खिलाफ निश्चित समयसीमा के अंदर मुकदमा चलाने के लिए पूर्व अनुमति जरूरी है. parliament

अब तक रिटार्यड नौकरशाहों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सरकार से अनुमित का प्रावधान नहीं था.

भ्रष्टाचार रोकथाम कानून 1988 में आमूल चूल परिवर्तन किए गए हैं और इस आशय के मसौदा विधेयक को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई.

इस संबंध में वित्त मंत्री पी चिंदबरम ने कहा कि 1988 के कानून में अंतरराष्ट्रीय प्रचलन के अनुरूप रिश्वत के अलग-अलग प्रकारों की स्पष्ट परिभाषा शामिल की गई है.

रिटायर्ड नौकरशाह द्वारा पद पर रहते हुए किए गए किसी कार्य को लेकर अगर उसके खिलाफ मुकदमा चलाया जाना है तो इसके लिए सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति लेनी होगी.

पुराने कानून के तहत मुकदमा चलाने के लिए पूर्व मंजूरी हासिल करने की जरूरत रिटायर्ड नौकरशाहों के लिए नहीं था.

पर अब मुकदमा चलाने की अनुमति देने या इंकार करने के लिए स्पष्ट मानदंड, नियम और समयसीमा विधेयक में शामिल की गई है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*