अमेरिका की डिप्लोमेटिक तानाशाही पर भारत का करारा जवाब

अमेरिकी डेप्लोमिटक तानाशाही के जवाब में भारत न करारा जवाब दे कर अमेरिका को जता दिया है कि वह अपने राजनयिक का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता.

देवयानी का अपमान किया अमेरिका ने

देवयानी का अपमान किया अमेरिका ने

सख्ती बरतते हुए भारत ने नई दिल्ली स्थित यूएस एम्बेसी के सामने से सारे बैरिकेड हटा लेने के निर्देश दिए हैं. इतना ही नहीं सरकार ने सारे राजनयिकों के एयरपोर्ट पास भी वापस ले लिये हैं.

भारत ने पूरी सख्ती दिखाते हुए भारत ने यूएस एम्बेसी के लिए भेजे जाने वाले खाने, शराब आदि सब चीज़ों के क्लियरेंस रोक लिए हैं. साथ ही सरकार ने सारे डिप्लोमैटिक स्टाफ के एयरपोर्ट पास भी वापस ले लिये हैं.

ध्यान रहे कि 1999 बैच की आईफएस अफसर, देवयानी खोबरागड़े को अमेरिका में उस समय गिरफ्तार किया गया था जब वह अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने जा रही थीं.उन्हें वीज़ा फ्रॉड करने के आरोप में सरेआम हथकड़ी लगाई गई थी। कोर्ट में निर्दोष होने की गुहार लगाने के बाद उन्हें 250,000 यूएस डॉलर के बॉन्ड पर रिहा किया गया था.

जब इस संबंध में अमेरिका से भारत ने जानकारी लेनी चाही तो अमेरिका ने अपनी कार्वाई को जायज ठहराया था.

इस बीच भारत ने जैसे को तैसा के मूड में जवाब देते हुए उसके प्रतिनिधिमंडल से मिलने से मना कर दिया. राहुल गांधी, सोनिया गांधी और नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से मिलने से न सिर्फ इनकार कर दिया बल्कि यह स्पष्ट कर दिया कि भारतीय अधिकारी के साथ जो अमेरिका ने सुलूक किया है उससे भारत को काफी आपत्ति है.

इसबीच भारत के विदेशमंत्री सलमान खुर्शीद ने देवयानी खोबड़ागडे के साथ अमेरिकी व्यवहार को बर्बर्तापूर्ण करार देते हुए इसे उसके इस आचरण को ना काबिले कुबूल बताया है.
भारत के लगों ने भारत द्वारा अमेरिका को दिये गये इस करारा जवाब का स्वागत किया है.

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