अल्पसंख्यकों में कम साक्षरता से चिंता, होगी चर्चा

देश की करीब आधी मुस्लिम आबादी बिहार,यूपी, दिल्ली, असम, पश्चिम बंगाल और पंजाब में बसती है, लेकिन साक्षरता दर राज्य की औसत दर से काफी कम हैं.muslim.student

इस स्थिति के मद्देनजर सरकार ने अब मुस्लिम समेत धार्मिक अल्पसंख्यक छात्रों के दाखिले का ‘डाटा बैंक’ तैयार करने की योजना को आगे बढ़ाया है. समय लाइव के अनुसार इस संबंध में आगामी 31 अक्टूबर को अल्पसंख्यक शिक्षा निगरानी समिति की बैठक में चर्चा होगी

मानव संसाधन विकास मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, बिहार,उत्तरप्रदेश, दिल्ली, असम, पश्चिम बंगाल और पंजाब में मुस्लिम साक्षरता दर इन राज्यों के साक्षरता औसत से काफी कम हैं.

बिहार की कुल साक्षरता दर 61.80 प्रतिशत की तुलना में मुस्लिम साक्षरता दर 36 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश की कुल साक्षरता दर 67 प्रतिशत की तुलना में मुस्लिम साक्षरता दर
37. 28 प्रतिशत है.

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की कुल साक्षरता दर 81.7 प्रतिशत की तुलना में मुस्लिम साक्षरता दर 66.6 प्रतिशत, असम की 72 प्रतिशत की तुलना में मुस्लिम साक्षरता दर 48.4 प्रतिशत और पश्चिम बंगाल की साक्षरता दर 69 प्रतिशत की तुलना में मुस्लिम साक्षरता दर 59 प्रतिशत है.
इन राज्यों में देश की करीब 45 प्रतिशत मुस्लिम आबादी रहती है मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि मंत्रालय 31 अक्तूबर 2013 को विभिन्न पक्षों के साथ इस विषय पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शिक्षा निगरानी समिति की बैठक में चर्चा करेगा.

उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थाओं में अल्पसंख्यक छात्रों के दाखिले संबंधी डाटाबेस तैयार करने के विषय पर भी चर्चा होगी जो 2005.06 के बाद से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर दाखिले के आंकड़ों से जुड़ा होगा.
इसके साथ ही 2013.14 से 9वीं से 12वीं कक्षा में मुस्लिम छात्रों के दाखिले का आंकड़ा एकत्र करने के कार्य को आगे बढ़ाया जायेगा.
राष्ट्रीय शैक्षणिक योजना एवं प्रशासनिक विविद्यालय :एनयूईपीए: की ओर से राष्ट्रीय नमूना सव्रेक्षण संगठन :एनएसएसओ: के उच्च शिक्षा आंकड़ों के विश्लेषण में यह बात सामने आई है कि 2007.08 में अल्पसंख्यक मुसलमालों की सकल उपस्थिति दर :जीएआर: महज 8.7 प्रतिशत थी जबकि इस अवधि में गैर मुसलमानों की सकल उपस्थिति दर 16.8 प्रतिशत दर्ज की गई.
संसद की स्थायी समिति ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मुस्लिम बच्चों की शिक्षा के लिए कोई समग्र नीति नहीं है और इनकी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए विशिष्ठ योजना का भी अभाव दिखता है.

मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र,आंध्रप्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु में मुस्लिम साक्षरता दर राज्य की कुल साक्षरता दर की तुलना में अधिक है.
जनगणना आंकड़ों के मुताबिक, देश की कुल जनसंख्या का 13.43 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है बिहार में 16.5 प्रतिशत, उत्तरप्रदेश में 18.5 प्रतिशत, झारखंड में 13.8 प्रतिशत, कर्नाटक में 12.2 प्रतिशत, दिल्ली में 11.7 प्रतिशत मुस्लिम आबादी बसती हैं.

तमाम कवायद के बावजूद 6 से 13 वर्ष के 80 लाख बच्चे अभी भी स्कूली शिक्षा के दायरे से बाहर हैं जिसमें करीब 18 लाख बच्चे मुस्लिम समुदाय के हैं.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2009 में मुस्लिम समुदाय के 18.75 लाख बच्चे स्कूली शिक्षा के दायरे से बाहर हैं जिनमें उत्तरप्रदेश के करीब 10 लाख बच्चे, पश्चिम बंगाल के 2.5 लाख बच्चे और बिहार के 2.3 लाख बच्चे स्कूली शिक्षा के दायरे से बाहर हैं.

साभार समय लाइव

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