अल्पसंख्यक विकास की योजनाओं को लेकर केंद्र उदासीन

केंद्र सरकार की अल्पसंख्यक युवकों को सक्षम बनाने की योजनाओं की हकीकत यह है कि 12वीं पंचवर्षीय योजना में 11 डिग्री कालेज तथा 12 हजार 498 कौशल विकास केंद्र खोलने के साथ ही 1200 स्कूलों में कम्प्यूटर लगाए जाने थे, लेकिन एक भी काम पूरा नहीं हुआ और न कोई प्रगति पर है।  सामाजिक न्याय और अधिकारिता संबंधी संसद की स्थायी समिति ने अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की माँगों पर अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 12 वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान 27 राज्यों में अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में बहु क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम (एमएसडीपी) के तहत जो योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, उनमें से एक भी पूरा नहीं हुई है और कुछ पर तो अब तक काम भी शुरू नहीं हुआ है। 1122

संसद की स्थायी समिति ने की रिपोर्ट में खुलासा

 

रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में सात डिग्री कालेजों सहित देश में कुल 11 डिग्री कालेज खोले जाने को मंजूरी दी गयी थी, लेकिन इनमें से कोई कालेज नहीं खुला। इसी तरह से 1174 स्कूलों में कंप्यूटर लगाने की स्वीकृति थी, लेकिन इस में भी कोई प्रगति नहीं हुई। इस दौरान 54 आय सृजक अवसंरचना केंद्रों की स्थापना होनी थी लेकिन कोई केंद्र स्थापित नहीं किया गया। कौशल विकास को बढ़ावा देने के सरकार के नारे बावजूद 12 पंचवर्षीय योजनाके दौरान अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में 12 हजार 498 कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र खोलने को स्वीकृति दी गई थी लेकिन देश के किसी भी हिस्से में कोई केंद्र स्थापित नहीं हुआ।

 

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दौरान अल्पसंख्यक बच्चों में बुनियादी शिक्षा को बढ़ावा देने के काम में भी उदासीनता बरती गई है। इस अवधि में 487 स्कूल भवन निर्माण को स्वीकृति दी गई थी जिनमें 162 उत्तर प्रदेश में. 75 पश्चिम बंगाल में तथा।31 बिहार में थे लेकिन इनमें से सिर्फ तीन स्कूल भवनों का निर्माण कार्य पूरा हुआ और 35 में कार्य प्रगति पर है।

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