अल्‍पमत की सरकार भी बन सकेगी दिल्‍ली में

उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली में सरकार गठन के लिये उप राज्यपाल नजीब जंग की ओर से किये जा रहे प्रयासों की तारीफ करते हुये कहा कि अल्पमत की सरकार का गठन भी किया जा सकता है। उच्चतम न्यायालय की पांच सदस्यीय संविधान पीठ के समक्ष आम आदमी पार्टी की दिल्ली में विधानसभा भंग कर नये सिरे से चुनाव कराये जाने की याचिका पर सुनवाई करते हुये उच्चतम न्यायालय ने कहा कि उपराज्यपाल ने सरकार बनाने के लिये जो प्रयास किये हैं, वह सकारात्मक हैं।  न्यायालय में इस मामले पर अब अगली सुनवाई 11 नवंबर को होगी।

उल्‍लेखनीय है कि उपराज्यपाल ने कल एक बयान जारी कर कहा था कि दिल्ली में सरकार बनाने की संभावनाओं को टटोलने के लिये वह सभी राजनीतिक दलों से अगले कुछ दिनों में बातचीत करेंगे। उन्होंने कल गृहमंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की थी।  इससे पहले मंगलवार को इस मामले पर सुनवाई करते हुये दिल्ली में सरकार गठन में हो रही देरी पर उच्चतम न्यायालय ने केन्द्र सरकार और उप राज्यपाल को कड़ी फटकार लगाई थी।

70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी अकाली दल के साथ उसकी 28 सीटें हैं और वह सबसे बड़ी पार्टी है। आप के 27 तथा कांग्रेस के आठ विधायक हैं। इसके अलावा एक निर्दलीय, एक जनता दल (यूनाइटेड) और एक आप से निष्कासित विधायक हैं।  तीन सीटें भाजपा विधायकों के सांसद चुन लिये जाने के बाद इस्तीफा देने से रिक्त हैं। कृष्णा नगर, महरौली और तुगलकाबाद में चुनाव आयोग ने 25 नवंबर को उप चुनाव कराने की घोषणा की है।

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