आंतकवाद से मुकाबले को गठित होंगे 17 रिजर्व बटालियन

केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में तेजी लाने के लिए हाईब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) को आज अनुमति प्रदान कर दी ।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की यहां हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस मॉडल के तहत उन परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जाएगा जिनके निर्माण में बनाओ चलाओ और वापस करो (बीओटी) नीति के तहत बाधा आती है। south

कैबिनेट की मिली मंजूरी
इस मॉडल के तहत सरकारी निजी भागीदारी (पीपीपी) के आधार पर बनाने वाली परियोजनाओं के निर्माण को भी गति मिलेगी। सरकार ने मॉडल को इस मकसद से मंजूरी दी है कि सड़कों के निर्माण में आने वाली सभी दिक्कतों का तत्काल समाधान हो और किसी भी स्तर पर परियोजनाओं को आगे बढाने में बाधा नहीं आए।  मंत्रिमंडल ने आतंकवाद और नक्सलवाद की समस्या से निपटने के लिए 17 रिजर्व बटालियनों के गठन को आज मंजूरी दे दी। इनमें से पांच बटालियन जम्मू-कश्मीर , चार छत्तीसगढ , तीन झारखंड , तीन ओडिशा और दो महाराष्ट्र के लिए होंगी।

इन बटालियानों में स्थानीय युवाओं को भर्ती में प्राथमिकता दी जायेगी और जरूरत पडने पर इन्हें आयु और शिक्षा के मानदंडों में छूट भी दी जायेगी। जम्मू-कश्मीर की पांच बटालियनों में सिपाहियों और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की 60 प्रतिशत भर्ती राज्य के सीमावर्ती जिलों से की जायेगी। नक्सल प्रभावित राज्यों में सिपाहियों की 75 प्रतिशत भर्ती नक्सली गतिविधियों के गढ माने जाने वाले 27 जिलों से की जायेगी । रिजर्व बटालियनों के गठन की योजना 1971 में शुरू की गयी थी और इसके बाद से 153 बटालियनों के गठन की मंजूरी दी गयी है जिनमें से 144 का गठन किया जा चुका है।

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