आईएएस सेंथिल कुमार की पत्नी की व्यथा को समझिए

बिहार के आईएएस अधिकारी कें सेंथिल कुमार की पत्नी सुधा सेंथिल इन दिनों काफी व्यथित हैं. उनके पति आर्थिक अनियमितता के आरोप में निलंबित हैं.

तीन साल से निलंबित हैं सेंथिल कुमार

तीन साल से निलंबित हैं सेंथिल कुमार

वह अपनी दुख भरी कहानी लेकर मुख्यमंत्री के जनता दरबार में पहुंची. लेकिन उन्हें वहां से कोई आश्वासन नहीं मिला.

माना कि कभी कभी प्रशासक को काफी निर्मम होना पड़ता है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी कुछ ऐसा ही किया जब निलंबित आईएएस अधिकारी के सेंथिल कुमार की पत्नी जनता के दरबार में पहुंच कर अपने पति के निलंबन पर जल्द फैसला लेने को कहा. मुख्यमंत्री ने उनके आवेदन को देख कर सामान्य प्रशासन विभाग को सौंप दिया. मामला कानूनी प्रक्रिया का था ऐसे में मुख्यमंत्री के सामने तकनीकी रूप से यही रास्ता भी था. पर सुधा सेंथिल का यह प्रश्न महत्वपूर्ण है कि उनके पति के निलंबन के मामले में फैसला लेने में कितना लम्बा समय लगेगा. वह तीन सालों से निलंबन में चल रहे हैं.

जल्द हो फैसला

सवाल यह है कि उनके ऊपर लगे आरोप और उससे संबंधी जांच यूं ही विचाराधीन रहे तो इससे उनके परिवार को तो परेशानी उठानी ही पड़ेगी. इसलिए उचित तो यही है कि अगर उनके ऊपर लगे आरोप सही हैं तो उन्हें सजा दी जाये पर इस मामले को यूंही लटकाये रखना ठीक नहीं है.

कें सेंथिल कुमार 1996 बैच के बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. उन पर आरोप है कि उन्होंने पटना नगर निगम के आयुक्त रहते हुए 8 करोड़ रुपये की हेराफेरी की थी. पर सेंथिल की पत्नी सुधा सेंथिल कहती हैं कि उन पर लगे आरोप निराधार हैं. उनका कहना है कि सरकार इस मामले में ज्लद फैसला ले. क्योंकि पति के निलंबन से हमारी आर्थिक हालत चरमरा गयी है.

वह कहती हैं आधे वेतन के सहारे जीवन यापन करना कितना कठिन है यह किसी सी छिपा नहीं है. वह कहती हैं हमारे पति को बतौर आईएएस कई पुरस्कार मिल चुके हैं. वह काफी ईमानदार हैं. पर वह साजिश के शिकार हुए हैं. सरकार को उनके मामले में जल्द फैसला लेना चाहिए. सुधा सेंथिल मीडिया से भी नाराज हैं. वह कहती हैं कि मीडिया ने यह घोषित कर रखा है कि उनके पास करोड़ों की सम्पत्ति है. जबकि पति को आधा वेतन पर हमें गुजारा करना पड़ रहा है. यह स्थिति पिछले तीन सालों से है.

मालूम हो कि निगरानी अन्वेशण ब्यूरो ने भ्रष्टाचर निरोधी अधिनियम 1988 के तहत सेंथिल कुमार पर मामला दायर कर रखा है. लेकिन यह मामला पिछले दो सालों से विचाराधीन है. सुधा सेंथिल की इसी बात को लेकर शिकायत है.

वह कहती हैं कि हम जांच प्रक्रिया में सहयोग करते रहे हैं. पर इस मामले को विचारधीन रख कर हमारे साथ साजिश की जा रही है. उनका कहना है कि इस मामले पर जल्द फैसला लिया जाये. अगर हमारे पति का दोष साबित होता है तो भी इस मामले पर फैसला में देर करने की क्या जरूरत है. हालांकि सुधा सेंथिल यह नहीं बताती कि उनके खिलाफ किसकी साजिश है.

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