आईपीएस मंसूर का आरोप एडीजी सुनील ने उन पर उठाया थप्पड़ इस्लाम का नाम ले कर किया अपमान

आईपीएस अफसर मंसूर अहमद ने एडीजी सुनील कुमार पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने उनके मजहब इस्लाम का अपमान किया इतना ही नहीं गुस्से में वह कालर तक पकड़ने को दौड़े.

आईपीएस मंसूर अहमद; अपमान से आहत

आईपीएस मंसूर अहमद; अपमान से आहत

मंसूर ने बिहार के पुलिस महानिदेशक को लिखे शिकायत पत्र में कहा है कि शराब न पीने के संकल्प सभा के आयोजन के दौरान एडीजी सुनील कुमार ने उनको अपमानित किया. इतना ही नहीं सुनील कुमार ने बकौल मंसूर अहमद धमकाते हुए कहा कि यह भारत देश है कोई इस्लामिक देश नहीं है.

दर असल मंसूर संकल्प पत्र में शराब न पीने का शपथ पत्र भर रहे थे. उन्होंने अंतिम पंक्ति में एक लाइन जोड़ी जिसमें लिखा कि शराब को चौदह सौ वर्ष पहले ही हराम करार दिया गया था. इसे अल्लाह (के रसूल) ने भी हराम करार दिया था.

मंसूर ने अपने शिकायत पत्र में लिखा है कि इस लाइन को पढ़ते ही एडीजी सुनील कुमार आगबगोला हो गये और उन्होंने कहा कि इस्लाम की बात लिखते हो. यह इस्लामी देश नहीं है. मंसूर ने आरोप लगाया है कि सुनील कुमार ने उन्हें धमकी देते हुए कहा कि वह मंसूर को बरबाद कर देंगे.

इधर आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने इस संबंध में नौकरशाही डॉट कॉम को बताया कि इस तरह घटना का जिक्र उन्होंने भी सुना है.

गौर तलब है कि मंसूर अहमद अगले छह महीने में रिटायर होने वाले हैं. उन्होंने ( मंसूर अहमद ने) इससे पहले आरोप लगाया था कि पुलिस महकमे के सीनियर अफसर उनको प्रताड़ित कर रहे हैं. उन्होंने इस संबंध में बिहार सरकार से अपील की थी कि उन्हें प्रेस कांफ्रेंस करके अपनी बात रखने का मौका दिया जाये.

6 comments

  1. SABIH AHMED Advocate

    Agar PM and Union cabinet/ government atankwad aur apradh rokna chahte hain to ek satellite sirf surveillance k liye istemal karwayen to fabrication k bajaye investigation zyada kamyab hoga aur asli mujrim hi pakar mey aayenge.

  2. ऐसी भारत माता जिसकी शेर की सवारी है, जिसके एक हाथ में त्रिशूल और दूसरे हाथ में भगवा झंडा है। ऐसी माता किसकी हो सकती है ? उन्हीं की तो हो सकती है जो हाफ पेंट पहनकर गली – गली में शाखा लगाते हैं। वे कौन लोग हैं जिनको तिरंगे की बजाय भगवे से प्रेम है ? जिनको कलम के बजाय त्रिशूल बल्लम बरछी से प्रेम है ? जाहिर है वह संघ परिवार है जिसने अपने मुख्यालय पर तिरंगा फहराने में 52 साल लगा दिये। एसी भारत माता को राष्ट्र पर कौन थोपना चाहता है ? कल भाजपा नेता भैय्या जोशी ने कहा था कि जन गण मण में वह भाव नहीं आता जो वंदेमातरम में आता है। जन गण मण का अपना ‘प्रोटोकाॅल है जबकि लोगों के पेटों में त्रिशूल घोंपते हुऐ भी दंगाई वंदेमातरम कहते आये हैं। वही वंदेमातरम जिसके लेखक ने बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला की अंग्रेजों से शिकस्त को कहा था कि “हमारी लड़ाई अंग्रेजों से नहीं बल्कि मुसलमानों से है” वंदेमातरम का विरोध इसलिये नहीं किया जाता कि उसका अर्थ मां तुझे सलाम कहना है विरोध की वजह वह मानसिकता है जो इस देश के सांप्रदायिक सदभाव को खंडित करना चाहती है। और इस देश को हिंदुराष्ट्र बनाना चाहती है। दारुल उलूम जिसने इस देश के स्वाधीनता संग्राम में महत्तवपूर्ण भूमिका निभाई है जिसने जिसने मोहम्मद अली जिन्ना के बजाय गांधी को अपना नेता माना है। वह दारुल उल उलूम भला कैसे इस देश को ‘पाकिस्तान’ बनते हुऐ देख सकता है ? वह तो हर उस चीज का विरोध करेगा जो इस देश के सांप्रदायिक ताने बाने को तोड़ती हो। हाथों में थामे जिस भारत माता को राष्ट्र पर थोपने की बात चल रही है उसी भारत माता के ‘वीर’ सपूत ने गांधी कत्ल किया था.
    ये जो भारत माता है न वास्तव में अपने उन कुकर्मों का पर्दा है जिसे राष्ट्रवाद के रूप में ये देश पिछले कई दशकों से एक बोझ की तरह ढो रहा है. जब पटियाला हाऊस में वकीलों और पत्रकारों को पीटा जा रहा था तब भी भारत माता की जय बोली जा रही थी। कल को भारत माता की जय बोलकर किसी का भी सर काटा जा सकता है। भारत न मां है और न पिता है और न ही किसी का पुत्र अथवा पुत्री है। दूसरे देशों की तरह भारत भी एक देश ही है। क्या किसी अमेरीकी ने कहा है कि अमेरीका उसका बाप है ? क्या किसी यूरोपियन ने कहा है कि यूरोप उसका बाप है ? कोई भी विदेशी अखबार उठाकर देख लीजे भारत के बारे में नकारात्मक खबरें अधिक मिलेंगी। इसके लिये कौन जिम्मेदार हैं ? क्या इसके लिये भारतीय हिंदू तालिबान जिम्मेदार नहीं है। जो कभी गाय को राष्ट्रीय माता बनाने के लिये रैली करते हैं तो कभी देश को ही माता बनाने के लिये किसी भी राह चलते राहगीर की पिटाई कर देते हैं। बेहतर हो कि देश को देश ही रहने दिया जाये और इंसानों को मां बाप रहने दिया जाये। यदी हम देश को मां बनायेंगे और मां को वृद्धाश्रम में छोड़ आयेंगे तो इस गोला पर सिर्फ कूपमंडूक समाज ही अस्तित्व में रह पायेगा।

  3. ऐसी ओछी संघी मानसिकता वाले अफसर को तुरन्त कार्रवाई कर सस्पेंड किया जाना चाहिए ।
    ये सब देश को बांटने और बर्बाद करने की साजिश है

  4. I know sunil Kumar .He is gentleman. This news item is fabricated

  5. ips mansur ahmad is right

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