आत्महत्या नहीं हत्या, सिपाही परिजनों का आरोप, एफआईआर की मांग

गोरखपुर में सिपाही ने आत्म हत्या की या हत्या हुई?
परवेज आलम की रिपोर्ट

डीआईजी गोरखपुर डॉ संजीव गुप्ता के गोमतीनगर आवास पर कांस्टेबल अरुण कुमार की फांसी से हुई मौत पर उसके घरवालों का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं हत्या है.

आज अरुण के मामा बलराम चौधरी ने लखनऊ आ कर आईपीएस अमिताभ ठाकुर को एक प्रार्थनापत्र दे कर कहा कि 24 नवम्बर की घटना की रात 08.25 से08.30 तक उसने अपनी माँ सुशीला और पिता आज्ञाराम से बहुत अच्छे से बात किया.

अचानक 08.37 पर उसकी माँ के फोन नंबर 099188-36447 पर अरुण के मोबाइल से फोन आया जो उसकी माँ के अनुसार उसकी आवाज़ नहीं थी. इस आदमी द्वारा उसकी माँ को गन्दी गाली दी गयी और कहा गया कि वह मरने वाला है.

बलराम चौधरी के अनुसार अरुण कभी अपनी माँ को गाली नहीं दे सकता था. वह बहुत अच्छे खाते-पीते परिवार का अकेला लड़का था और उसकी कैसरगंज, बहराइच में तैनात अपनी कांस्टेबल पत्नी किरण से भी बहुत ही अच्छे सम्बन्ध थे, जो तीन महीने से पेट से भी हैं.

अतः अरुण के घरवालों को पूर्ण विश्वास है कि उसकी हत्या की गयी है और उन्होंने इस बारे में एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है जिस पर श्री ठाकुर ने भी थानाध्यक्ष गोमतीनगर और एसएसपी लखनऊ को एफआईआर दर्ज कर इस अस्वाभाविक मौत का रहस्य सामने लाने का निवेदन किया है.

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