आधे आर्म्‍स लाइसेंस अपराधियों के पास : मांझी

29pic-4मुख्‍यमंत्री जीतनराम मांझी प्रशासनिक शिथिलता और उदासीनता पर आज नागरिक व पुलिस प्रशासन के पदाधिकारियों को जमकर लताड़ा और कहा कि आपकी लापरवाही के कारण को सरकार को बदनामी उठानी पड़ती है। जनता को जबाव देना पड़ रहा है। उन्‍होंने चेतावनी भी दी कि यदि हमारी छवि खराब होगी तो उसका असर आपकी सेहत पर भी पड़ेगा। हालांकि अधिकारियों को उन्‍होंने भरोसा भी दिलाया कि सरकार आपकी सुख-सुविधाओं का पूरा ख्‍याल रखेगी।

वीरेंद्र यादव, बिहार ब्‍यूरो प्रमुख

 

पटना के मुख्‍यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद सभागार में जिलाधिकारी, प्रमंडलीय आयुक्‍त, पुलिस अधीक्षक, आईजी, डीआइजी व विभागीय प्रधानसचिव व सचिवों की बैठक को संबोधित करते हुए मुख्‍यमंत्री कई बार भावुक भी हो गए तो कई पर चेहरे पर आक्रोश भी दिखा। उन्‍होंने कहा कि आर्म्‍स लाइसेंस देने में पदाधिकारी अनावश्‍यक विलंब करते हैं। जरूरतमंद लोगों को जान-माल की रक्षा के लिए आर्म्‍स लाइसेंस नहीं मिलता है। उचित व्‍यक्ति को लाइसेंस की प्रक्रिया में उलझा कर दिखा जाता है, जबकि आधे से अधिक लाइसेंस अपराधियों के पास हैं। लाइसेंस ट्रांसफर के इंतजार में हथियार मालखानों में सड़ रहे हैं। डीएम व एसपी इस पर ध्‍यान दें और ससमय लाइसेंस निर्गत किया जाए। उन्‍होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हमारा ही भतीजा लाइसेंस के लिए दौड़ रहा है, लेकिन नहीं मिल रहा है।

थानेदार करते हैं ज्‍यादा अफसरी

श्री मांझी ने कहा कि थानों में तैनात थानेदार बड़े अधिकारियों दस गुना ज्‍यादा अफस‍रगिरी करते हैं। एसपी उन्‍हें समझाएं, उन्‍हें शिष्‍टाचार सिखाएं। थानों में असामाजिक तत्‍वों का जमावड़ा लगा रहता है और जनप्रतिनिधियों को बैठने की जगह नहीं मिलती है। यह शिकायत हमारे पास तक आती है। पुलिस महकम को इस रवैये को बदलना होगा।

थानों में पदस्‍थापन की गाइडलाइन

मुख्‍यमंत्री ने थानों में पुलिस पदाधिकारियों की नियुक्ति के गाइड लाइन भी बताए। उन्‍होंने कहा कि हर थाने में कम से कम एक अनुसूचित जाति व जनजाति का पुलिस पदाधिकारी अवश्‍य हों। जिन इलाकों में अल्‍पसंख्‍यकों की संख्‍या 20-30 फीसदी से अधिक हो, उन थानों में एक अल्‍पसंख्‍यक पदाधिकारी तैनाती हो। मुख्‍यमंत्री ने कहा कि हर थाने महिला पुलिस पदाधिकारियों की नियुक्ति की जाए। लेकिन उन्‍होंने इस बात की भी हिदायत दी कि अकेली महिलाओं की प्रतिनियुक्ति नहीं हो। एक थानों में कम से कम दो महिलाओं की नियुक्ति हो। यदि महिला पदाधिकारियों की कमी होगी तो और बहाली की जाएगी।

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