आरएसएस मिलिट्री संगठन नहीं, लेकिन अनुशासन मिलिट्री जैसा : डॉ भागवत

आरएसएस चीफ डॉ मोहन भागवत ने आज बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा मिलिट्री संगठन नहीं है, लेकिन मिलिट्री की तरह अनुशासन जरूर है. गौरतलब है कि भागवत बिहार में दस दिनों की यात्रा पर हैं.

नौकरशाही डेस्‍क

उन्‍होंने कहा कि अगर देश को जरूरत पड़े और देश का संविधान कहे तो सेना को तैयार करने में 6 माह लग जाएगा, लेकिन हम दो से तीन दिन में तैयार कर देंगे. यह हमारी क्षमता है. उन्‍होंने कहा कि विविधताओं में एकता की बात करनेवाला सभी हिंदू है. हिंदू किसी पूजा-पद्धति, जाति व भाषा का नाम नहीं है, जो पंरपरा से उपदेश तक सबको स्वीकार करता है, एकत्रता का दर्शन करता है व जीवन को परम लक्ष्य मानकर त्याग व संयम का परिचय देता है, वह हिंदुस्थान देश का वासी है.

डॉ भागवत ने स्वयंसेवकों के चरित्र निर्माण पर भी बल दिया. उन्होंने कहा कि स्वयंसेवक आजीविका से लेकर सामाजिक जीवन में पूरी निष्ठा व ईमानदारी से कार्य करे. इससे पहचान बनेगी. एक आदर्श बनेगा. इसके लिए उन्होंने कहा कि हमें प्रत्येक दिन शाखा में जाना चाहिए. यह नहीं हो पाये, तो सप्ताह या महीने में एक बार जरूर जाएं. अगर इतना भी वक्त नहीं मिले, तो बौद्धिक प्रशिक्षण शिविर में तो जरूर भागीदारी होनी चाहिए. अच्छी चीजों को हमें अपने जीवन में शामिल करना चाहिए. भागवत को सुनने के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, राम कृपाल यादव, बिहार सरकार में मंत्री नंद किशोर यादव समेत कई नेता शामिल हुए.

 

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