इंडियन मुजाहिदी की रीढ़ की हड्डी तोड़ने वाले एनआईए अफसर तंजील अहमद को कीजिए सलाम

पठानकोट आतंकी हमले की जांच करने वाले डीएसपी तंजील अहमद की हत्या से एनआईए अपने जांबाज अफसर को खो दिया है. खतरनाक आतंकवादी दानिश से ले कर यासीन भटकल की गिरफ्तारी में इस जांबाज अफसर ने भूमिका निभाई थी.tanzeel

 तंजील के साथ एनआईए में काम कर चुके वरिष्ठ आईपीएस अफसर ने नौकरशाही डॉट काम को बताया कि तंजील एनआईए के कठिनतम आप्रेसंश को सटीक अंजाम तक पहुंचाने वाले जांबाज अफसर थे. पठानकोट हमले के अलावा तंजील ने देश में IS का मॉड्यूल पकड़ने में अहम रोल निभाया था.जाली नोट के कारोबार की कमर तोड़ने वाली टीम में भी रहे।

प. बंगाल के बर्दवान में हुए धमाके की जांच में भी शामिल थे।

एनआईए के आईजी संजीव कुमार सिंह ने कहा, ने कहा कि ” साजिश के तहत हमला किया गया. तंजील की दिलेरी और कठिन आप्रसेंश में शानदार परफारमेंस के कारण ही उन्हें पठानकोट हमले की जांच की जिम्मेदारी दी गयी थी. तंजील के भाई रगीब का कहना है कि तंजील पर यह इक्कीसवां हमला था.

 

वे कोर ऑपरेशन टीम का हिस्सा था। देश में सभी छोटी-बड़ी आतंकी घटनाओं की जांच में वे शामिल होते थे।

पिछले दिनों पठानकोट हमले को लेकर पाकिस्तान से आई जेआईटी टीम के साथ इंडियन अफसरों के डेलिगेशन में भी वे शामिल थे.

फोटो साभार दैनिक भास्कर

4 comments

  1. Kurban chaudhary

  2. तंजिल गदृदार था और आतंकी सही थे। वह आतंकी नहीं भटके हुए लेाग थे। उनकी गलती मानकर न केवल उन्हें क्षमा कर देना चाहिए बल्कि सभी हमलावरों को कम से कम एक-एक करोड़ रुपए दिए जाएं। अगर आगे भी वह ऐसा करते हैं तो राशि बढ़ाकर दस-दस करोड़ कर दी जाए।
    (तंजिल को दिल से नमन है लेकिन मजबूरी है कि इस देश में रहना है तो गदृदार और मक्कार धर्मनिरपेक्षियों और आतंकवाद परस्तों को भी खुश करना जरूरी है)

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