इंस्पेक्टर रत्ना गुप्ता हाजिर हों !

दो साल पहले राजस्थान विधानसभा की महिला एवं बाल कल्याण समिति के सदस्यों से बदसुलूकी करने वाली इंस्पेक्टर रत्ना गुप्ता के खिलाफ आरोप तय कर दिया गया है पर वह हैं कहां यह किसी को ख़बर नहीं है.

समिति इसी बजट सत्र में अपनी रिपोर्ट सदन में पेश करेगी. इसके बाद सदन सजा के बारे में अंतिम निर्णय लेगा.

रत्ना गुप्ता: अक्खड़पन का जवाब नहीं

उधर, चार महीने से इंस्पेक्टर कहां हैं, इसकी विभाग को भी जानकारी नहीं है.उन्हें एक नवम्बर को निलम्बित कर पुलिस मुख्यालय में बुलाया गया था, लेकिन वह एक बार भी हाजिर नहीं हुई. इससे पहले वे राजस्थान पुलिस अकादमी में तैनात थीं.

जुलाई, 2010 में विधानसभा की महिला एवं बाल कल्याण समिति ने गांधीनगर महिला पुलिस थाने का निरीक्षण किया था समिति के सदस्यों का आरोप था कि वहां मौजूद इंस्पेक्टर रत्ना गुप्ता ने उनसे गलत व्यवहार किया. समिति ने विधानसभाध्यक्ष को शिकायत की.

राज्य विधानसभा में ऐसा पहली बार हुआ कि विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के चार नोटिस के बाद भी पेश नहीं होने वाली इंस्पेक्टर रत्ना गुप्ता को विधानसभा की ओर से गिरफ्तार कर विशेषाधिकार समिति के समक्ष पेश करने के लिए नोटिस जारी किए गए.इसके बाद हाईकोर्ट ने गुप्ता को समिति के सामने पेश होने के लिए कहा था.

पिछले साल समिति ने डीजीपी से इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कर पेश करने को कहा, लेकिन पुलिस ऎसा नहीं कर सकी. इसी दौरान विशेषाघिकार समिति को रत्ना ने हाईकोर्ट में चुनौती दी. कोर्ट ने उनसे 29 अक्टूबर को समिति के समक्ष पेश होने को कहा, फिर भी इंस्पेक्टर पेश नहीं हुई.

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