इस आईएएस की उलझन आप सुलझाइए

“हॉय गाइज!मैं शुभरा सक्सेना हूं.जिला श्रावस्ती, उत्तर प्रदेश की जिलाधिकारी.मैं उलझन में हूं, प्लीज आप मेरी सहायता करें क्योंकि मुझे विश्वास है कि हम साथ मिलकर कुछ न कुछ अच्छा कर सकते हैं”.

शुभरा को आपके सुझावों का है इंतजार

शुभरा सक्सेना 2009 बैच की यूपी कैडर की आईएएस टॉपर हैं.दो महीने पहले वह अपने कॉरियर में पहली बार डीएम के पद पर आसीन हुई हैं.कुछ कर गुजरने के जज़्बे और जोश से भरी हैं.समस्यायें खुद भी सुलझाने का माद्दा रखती हैं.समझदार और ब्रिलियेंट भी हैं.2002 में आईआईटी रूरकी से इंजिनियरिंग भी की है.पर इनका मानना है कि समस्या सुलझाने के लिए लोगों से खासकर जागरूक साथियों से राय जरूर लेनी चाहिए.इसलिए उन्होंने आप से सुझा मांगा है.नौकरशाही डॉट इन इस मामले में उनकी समस्या आप तक पहुंचाने का जिम्मा खुद ही लिया है.

तो इनकी दो समस्या है जिन्हें वह आप से साझा करना चाहती हैं.और चाहती हैं कि उसका समाधान आप बतायें.इनकी दोनों समस्या शिक्षकों और विद्यालयों से जुड़ी हैं.पर उनकी समस्या सुनने से पहले यह जानना दिलचस्प होगा कि आखिर वह जिलाधिकारी बनने के मात्र दो महीने में ही किसी और समस्या के बजाये इसी समस्या का समाधान क्यों चाहती हैं?

खुद उन्हीं की जुबानी सुनते हैं- वह अपनी डायरी( ब्लाग) में लिखती हैं.जब मैं श्रावस्ती का डीएम बनी तो एक प्रशिक्षण केंद्र पर गई. वहां शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जा रही थी.पर वहां अधिकतर शिक्षक गायब पाये गये.मैंने तुरत उनके खिलाफ कार्रवाई की.जब मैं बाहर आई तो यह देख कर दंग रह गई कि मेरे इस छोटे से कदम उठाने पर लोग “श्रावस्ती की जिलाधिकारी जिंदाबाद” का नारा लगा रहे थे.मैंने सोचा मात्र इतना करने से लोगों में इतनी खुशी है तो और बड़े काम करने पर इनके अंदर कितनी खुशी होगी.इसलिए मैने तय किया कि शिक्षा से ही शुरूआत करनी चाहिए.

दो सवाल

“दोस्तों मैं मानती हूं कि सरकार की काफी सारी योजनायें हैं जिससे समाज का भला हो सकता है.पर यह चिंता की बात है कि सरकारी की ज्यादातर योजनायें समुचित तरह से धरातल पर नहीं उतर पातीं. अगर ये योजनायें सही तरीके से लागू हो जायें तो बड़ा साकारात्मक बदलाव आ सकता है.अगर हम साथ मिलकर कुछ करें तो यह जरूर हो सकता है.खासकर उस जिले श्रावस्ती में, जो उत्तरप्रदेश के सबसे पिछड़े जिलों में से एक है और जहां मैं पहली बार डीएम बन कर आई हूं”.

मेरी दो समस्या है-
1. क्या किया जाये कि शिक्षक समय पर स्कूल आया करें?
2. यह कैसे सुनिश्चित किया जाये कि टीचर स्कूल में बच्चों को पूरी ऊर्जा के साथ पढ़ायें और पठन-पाठन की प्रक्रिया प्रभावी तरह से चले?

हमें आपके सुझावों का शिद्दत से इंतजार रहेगा. और यकीन मानिये आपके बेहतर सुझावों पर ध्यान रखकर उस पर जरूर अमल किया जायेगा.
आपकी
शुभरा

नौकरशाही डॉट इन शुभरा की इन समस्याओं को आप तक रख रहा है.अगर आप कोई सुझाव देना चाहें तो जरूर दें.इससे न सिर्फ शुभरा को अच्छा प्रशासन देने में मदद मिलेगी बल्कि इससे श्रावस्ती की जनता और अपने समाज व देश का भला होगा. क्हयोंकि यह समस्या सिर्फ एक जिले की नहीं पूरे देश की है.आपके सुझाव हम शुभरा तक पहुंचायेंगे

सम्पादक

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