इस वर्ष के फिजिक्स के नोबेल पुरस्कार विजेता फ्रांसुआ एंगलर्ट व हिग्स बोसॉन को जानिए जिन्होंने गॉड पार्टिकिल्स दुनिया को परिचित कराया है.higs

ब्रिटेन के 84 वर्षीय पीटर हिग्स और बेल्जियम के 80 वर्षीय फ्रांसवा एंगलर्ट को ‘गॉड पार्टिकल’ हिग्स बोसॅन की खोज के लिए इस वर्ष भौतिकशास्त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

हिग्स बोसॅन की खोज ने द्रव्यमान की उपस्थिति की गुत्थी सुलझाने में मदद की है. ज्यूरी ने एक बयान में कहा, ‘‘यह कण एक अदृश्य क्षेत्र से पैदा होता है जो पूरे स्थान को भर देता है. ‘‘इसके बगैर हमारा अस्तित्व नहीं होगा क्योंकि क्षेत्र के साथ संबंध के कारण ही कणों को द्रव्यमान मिलता है.’’

हिग्स यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग के प्रोफेसर हैं. उनका कहना है कि वह इस ‘सम्मान’ से बहुत प्रसन्न हैं. हिग्स ने कहा, ‘‘मैं उनसभी को भी बधाई देना चाहूंगा जिन्होंने इस नए कण के खोज में भूमिका निभाई और अपने परिवार, मित्रों और सहकर्मियों को भी उनके सहयोग के लिए धन्यवाद देना चाहूंगा.’’

इस काल्पनिक बोसॅन के संबंध में हिग्स ने 1964 में सैद्धांतिक विचार दिया था. उन्होंने कहा था कि बिग-बैंग के बाद ब्रह्मांड के ठंडा होने पर इसी कण के कारण पदार्थों में द्रव्यमान की मौजूदगी है.

हिग्स, एंगलर्ट और अन्य वैज्ञानिकों के सैद्धांतिक काम से प्रेरणा लेकर तीन वर्ष तक सैकड़ों वैज्ञानिकों ने सर्न की प्रयोगशाला में लार्ज हैड्रोन कोलाइडर की मदद से लगातार बोसॅन की तलाश की.

पिछले वर्ष चार जुलाई को भौतिकविदों ने हिग्स बोसॅन का पता लगाने की पुष्टि की घोषणा की. विज्ञान के क्षेत्र में यह मील का पत्थर है.

हिग्स का जन्म 29 मई 1929 को हुआ था वह इंग्लैंड के स्काटलैंड में रहते हैं. जब कि फ्रांसुआ का जन्म 1932 में बेल्जियम में हुआ था.

By Editor


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home/naukarshahi/public_html/wp-includes/functions.php on line 5427