उत्तराखंड में फिर प्रकृति का क़हर, अनेक जगह बादल फटे, पुल-मकान ध्वस्त,30 से ज्यादा की मौत

उत्तराखंड में पिछले वर्ष की तरह फिर भारी प्राकृतिक तबाही आयी है, कम से कम छह स्थानों पर बादले फटने, भारी बारिश, चट्टान खिसकने और घर व पुल ध्वस्त होने से 30 से ज्यादा लोगों की जान चली गयी है.rain-in-uttarakhand-1435300360

मीडिया की खबरों में बताया गया है कि

चमोली में बादल फटने से नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि छह लोग लापता हैं वहीं अलकनंदा का जलस्‍तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है। अलग अलग जगह बादल फटने से अब तक लगभग 30 लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा पिथौरागढ़ में भी कई जगह बादल फटे हैं, सरयू और गोमती का जलस्तर काफी बढ़ गया हैं।

भारी बारिश की वजह से ऋषिकेश-बद्रीनाथ मार्ग पर तोता घाटी के समीप राजमार्ग पर चट्टान आ गिरी, जिससे हाईवे बंद हो गया। नौलाड़ा क्षेत्र के चिफलवाकुमल्गोनि में एक मकान मलबे में दब गया। इससे एक ही एक ही परिवार के तीनों सदस्य दब गए। सूचना पर राहत बचाव कार्य शुरू किया गया।

हलदोआनी से हिंदुस्तान संवाददाता की खबर के अनुसार  पिथौरागढ़ की डीडीहाट तहसील के बसतड़ी गांव में बादल फटने से कई घर मलबे में दब गए हैं। यहां पर पहुंचे राहत दल ने अभी तक पांच लोगों को मलबे से निकाल लिया है, जबकि कई लोग अभी लापता है।

 

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में शुक्रवार को भारी बारिश और दो जगह बादल फटने से कई घर मलबे में दब गए। अभी तक डीडीहाट और थल क्षेत्र में चार शव निकाले जा चुके हैं जबकि कई लोगों के दबे होने की आशंका है।

टोपराधार दाफिला में दो मकान ध्वस्त होने से तीन जानवर मलबे में दबकर मर गए। जौलजीबी से बरम के बीच खन्पैरा के पास नाले के उफान में आने से 2 पुल बह गये है।

मौसम विभाग ने देहरादून सहित आठ जिलों शुक्रवार से आगामी 72 घंटे भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बाकी जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई है। एक जुलाई से अगले 72 घंटों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। लोगों से सुरक्षित जगहों पर रहने की अपील की गई है।

 

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