उद्यम के लिए विमर्श की पहल को आगे बढ़ाना जरूरी : त्रिपुरारी शरण

भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी त्रिपुरारी शरण ने आज पटना के बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्‍ट्रीज सभागार में कहा कि उद्यम और उद्यमिता की कल्‍पना बिना मूलभूत ज्ञान के संभव नहीं है. इसके लिए विमर्श के पहल को आगे बढ़ाने की जरूरत है. श्री त्रिपुरारी शरण ने ये बातें आज पुतुल फाउंडेशन द्वारा आयोजित सेमिनार ‘बिहार इंटरप्रेन्‍योर फॉर बिल्डिंग ए रीसर्जेंट बिहार’ में कही.

नौकरशाही डेस्‍क

उन्‍होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि उद्यमिता के क्षेत्र में कदम रखने वालों के लिए उस क्षेत्र की जानकारी जरूरी है, बिना इसके इसके उद्यम को करना मूखर्ता है. उन्‍होंने कहा कि जब वे एमबीएम में पए़ रहे थे, तब उनका पसंदीदा विषय होता था पर्यावरण और नीति. इसके तहत उन्‍हें देश की आर्थिक नीति, समाज की संरचना और विभिन्‍न क्षेत्रों नीतियों आते थे. उद्यम के लिए इन विषयों में भरपूर ज्ञान होना चाहिए. उन्‍होंने पुतुल फाउंडेशन को इस सेमिनार के लिए बधाई दी और कहा कि राज्‍य में उद्यमिता का माहौल बनाने के लिए ऐसे पहल जरूरी हैं.

इससे पहले पुतुल फाउंडेशन द्वारा आयोजित सेमिनार ‘बिहार इंटरप्रेन्‍योर फॉर बिल्डिंग ए रीसर्जेंट बिहार’ की शुरूआत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को दो मिनट के मौन के जरिये श्रद्धांजलि देकर हुई. इसके बाद पूर्व डीजीपी सुनीत कुमार ने पुतुल फाउंडेशन के वेबसाई और ई-मैगजीन सेवांजलि का लोकार्पण किया. इसके बाद जदयू नेता सह प्रवक्‍ता राजीव रंजन ने कहा कि बिहार में उद्यमिता की उम्‍मीदें बंधी है. सड़क से लेकर बिजली समेत हर क्षेत्र में राज्‍य सरकार इसके लिए प्रयासरत है. बिहार के कुल जीडीपी में उद्यम का योगदान 17 फीसदी है, जिसे बढ़ाने की नीतीश कुमार की सरकार कोशिश कर रही है. मगर इसमें असली भूमिका बिहार बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्‍ट्रीज और ट्रेडर्स की भी होगी. उन्‍होंने कहा कि परंपरागत क्षेत्रों के अलावा गैर परंपरागत क्षेत्रों में भी उद्योग की संभावनाएं खूब है. ऐसे आयोजन से राज्‍य में उद्यम की संभावानाओं का विकास होगा. उन्‍होंने ये भी माना कि उद्योम के क्षेत्र में अफसरशाही उत्‍साह पैदा नहीं कर पा रही है.

‘बिहार इंटरप्रेन्‍योर फॉर बिल्डिंग ए रीसर्जेंट बिहार’ सेमिनार शामिल मुख्‍य वक्‍ता पूर्व डीजीपी सुनीत कुमार, सत्‍यजीत सिंह, डॉ मिहिर भोले, प्रियवंद, निर्मलेंदु वर्मा ने भी बिहार में उद्यम की संभावनाओं और स्थित पर चर्चा की. साथ ही अपने अनुभवों को साझा किया. वहीं, पुतुल फाउंडेशन की ट्रस्‍टी रश्मि वर्मा ने कार्यक्रम के बारे में परिचय कराते हुए कहा कि यह आयोजन बिहार में हर तरह की उद्यमिता को बढावा देने के लिए किया गया. इसमें उद्यम की संभावनाओं पर चर्चा और सवाल – जवाब का सेशन भी रखा गया है, ताकि नये उद्यमी अपने मन की आशंकाओं को दूर कर सकें. सेमिनार में पुतुल फाउंडेशन के अध्‍यक्ष सतीश चंद्र वर्मा ने भी फांउेशन के बारे में बात की. सेमिनार का संयोजन विवेक रंजन ने किया और धन्‍यवाद ज्ञापन मनीष वर्मा ने किया.

 

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