उपचुनाव में लालू-नीतीश की होंगी पांच संयुक्‍त सभाएं

भाजपा की राष्‍ट्रीय परिषद की बैठक में अध्‍यक्ष अमित शाह का बिहार को लेकर दिये गये भाषण का असर भाजपा कार्यकर्ताओं पर हुआ हो या नहीं, लेकिन राजद-जदयू गठबंधन पर तुरंत हुआ है। रविवार को दोपहर तक लालू यादव व नीतीश कुमार की संयुक्‍त सभा को लेकर संशय बरकरार था, लेकिन दिन ढलने के साथ दोनों खेमों में सरगरमी आयी और शाम होते-होते उपचुनाव में दोनों शीर्ष नेताओं की पांच सभाओं की घोषणा कर दी गयी। इसकी शुरुआत सोमवार को हाजीपुर से होगी।

बिहार ब्‍यूरो

इन दोनों नेताओं की कुल पांच संयुक्‍त सभाएं होंगी। इसके अलावा भी इनकी अलग-अगल सभाएं होंगी। सोमवार को दोनों की पहली संयुक्‍त सभा हाजीपुर में होगी। करीब दो दशक बाद लालू यादव व नीतीश कुमार की संयुक्‍त सभा हो रही है। दोनों के संबंधों पर जमा बर्फ पिघलने लगा है। इस सभा को लेकर आम लोगों में भी उत्‍सुकता है। हाजीपुर से जदयू के राजेंद्र राय उम्‍मीदवार हैं। इनकी दूसरी सभा सोमवार को ही मोहिद्दीनगर में होगी। यहां से राजद के अजय कुमार बुलगानिन उम्‍मीदवार हैं। इनकी तीन संयुक्‍त सभाएं 17 अगस्‍त को होंगी। ये सभाएं नरकटियागंज, छपरा व मोहनियां में होंगी। इसकी पुष्टि दोनों पार्टियों के प्रदेश अध्‍यक्ष राजद के रामचंद्र पूर्वे और जदयू के वशिष्‍ट नारायण सिंह ने की है।

 

बताया जाता है कि दोनों अलग-अगल सड़क मार्ग से हाजीपुर पहुंचेंगे। वहां दोनों करीब 12 बजे सभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद मोहिद्दीनगर जाएंगे। वहां सभा का समय 4 बजे शाम को निर्धारित है। सूत्रों की मानें तो भाजपा की आक्रामक प्रचार नीति और अमित शाह के तेवर को देखते हुए राजद- जदयू- कांग्रेस गठबंधन संशय में और समय गंवाना नहीं चाहता है। इस कारण भाजपा के खिलाफ आक्रामक प्रचार अभियान में जुट गए हैं। उपचुनाव की सीटों का सरकार के भविष्‍य पर कोई असर नहीं पड़ेगा। लेकिन इतना तय है कि ये सीट बताएंगी कि वोटर का मन, मिजाज और झुकाव किधर है। यह आगामी विधानसभा चुनाव में रणनीति में न केवल सहायक होगा, बल्कि निर्णायक भूमिका भी निर्वाह करेगा।

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