एक दशक में गुजरात को मिला पहला लोकायुक्त

शासन में पार्दिशता का दावा करने वाली गुजरात सरकार ने 2003 के बाद पहली बार लोकायुक्त के पद पर किसी को जिम्मेदारी दी है.

जस्टिस डीपी बुच

जस्टिस डीपी बुच

10 सालों के बाद न्यायमूर्ति डीपी बुच को राज्यपाल ने बुधवार को राज्य के चौथे लोकायुक्त के पद की शपथ दिलायी.
राज्यपाल कमला बेनीवाल ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और विधानसभा अध्यक्ष वाजु वाला की उपस्थिति में राजभवन में आयोजित एक समारोह के दौरान न्यायमूर्ति बुच को शपथ ग्रहण कराई.

लोकायुक्त के रूप में न्यायमूर्ति आर एम सोनी का कार्यकाल दिसंबर 2003 में समाप्त होने के बाद से यह पद खाली था.

नरेंद्र मोदी सरकार ने 27 नवंबर को इस पद के लिए न्यायमूर्ति बुच के नाम की सिफारिश की थी. लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर राज्य सरकार और राज्यपाल के बीच 2011 से असहमति बनी हुई थी. थी.

इस पद के खाली रहने को लेकर मोदी सरकार खासी आलोचना की शिकार बनी हुई थी.
विपक्षी दलों का आरोप था कि बार बार स्वक्ष प्रशासन का दावा करने वाली नरेदंर मोदी खुद ही लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं कर रही है.

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