एसाईटी अब जिस IAS की गिरफ्तारी में लगी है, वह सीके अनिल तो नहीं?

बीएसएससी पेपर लीक मामले में एसआईटी एक और आईएएस की गिरफ्तारी का वारंट ले चुकी है, जिनका नाम वह सार्वजनिक नहीं कर रही, पर एक सूत्र ने नौकरशाही डॉट कॉाम को बताया है कि वह आईएएस अफसर सीके अनिल हो सकते हैं.

सीके अनिल आयोग में ओएसडी हैं

सीके अनिल आयोग में ओएसडी हैं

  
 आईएएस अधिकारी सीके अनिल  के खिलाफ फिंगर प्रिंट, एसएमएस समेत अनेक मजबूत साक्ष्य मिले हैं.  एस आईटी का यह भी दावा है कि उन्होंने साक्ष्य मिटाने की कोशिश की.
सीके अनिल बिहार कर्मचारी चयन आयोग में ओएसडी हैं.
अदालत ने एक अन्य आईएएस अधिकारी की गिरफ्तारी का वारंट पुलिस को दे दिया है.
ये आईएएस अधिकारी पकड़े जाते हैं तो आईएएस एसोसिएशन का मनोबल और गिरेगा, ऐसा नहीं लगता. क्योंकि आईएएस एसोसिएशन सुधीर कुमार की गिरफ्तारी के बाद जिस तरह से विरोध में उतर आया है, वह अपने आप में ऐतिहासिक है. अब तक किसी भी आईएएस अधिकारी की गिरफ्तारी पर एसोसिएशन इस तरह के निर्णायक विरोध पर कभी नहीं उतरा.
उधर आईएएस एसोसिएशन के एक सूत्र का कहना है कि पुलिस के लिए इतना आसान नहीं है कि वह अनिल को भी गिरफ्तार कर सके. उनका कहना है कि पुलिस का दावा है कि अनिल की उंगलियों के निशान आयोग के अध्यक्ष सुधीर कुमार के कम्प्युटर के कीबोर्ड पर पाये गये हैं तो यह कौन सी अचरज की बात है. एक आफिस में कई लोग कम्प्युटर इस्तेमाल करते हैं, शेयर करके. इस सूत्र का दावा है कि मौजूद आईएएस एसोसिएसन 15 साल पहले का एसोसिएसन नहीं है. अब यह अपने अधिकारों के प्रति काफी सजग है. इसलिए माना जा रहा है कि एसोसिएसन अपने पक्ष पर अड़ा रहेगा.
 सुधीर की गिरफ्तारी के बाद पहली बार आईएएस एसोसिएसन न सिर्फ सड़क पर उतर कर सीएमओ के खिलाफ मानवश्रृंखला बनाया बल्कि राज्यपाल से मिल कर मेमोरंडम भी दिया. एसोसिएशन का कहना है कि सुधीर की गिरफ्तारी का कोई मतलब नहीं था और यह कि वह कोई भगोड़ा नहीं थे.
उधर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक तरह से चेतावनी देते हुए यह स्पष्ट कर चुके हैं कि आईएएस एसोसिएशन अपना मेमोरेंडम तो दे, ऐसी कार्वाई होगी कि गवर्नेंस के मामले में यह उदाहरण बनेगा. हालांकि सीएम के इस बयान से एसोसिएशन ने कोई प्रतिक्रिया तो नहीं दी लेकिन माना जा रहा है कि इस बयान के बावजूद वह मजबूती के साथ खड़ा है.
उधर जिस तरह की खबरें, सुधीर कुमार के संबंधियों से जुडड़ी हुई मिल रही हैं उससे लगता है कि मामला और पेचीदा होता जा रहा है. एसआईटी का दावा है कि सुधीर के भांजे आशीष ने स्वीकार किया है कि उसके मामा यानी सुधीर कुमार ने उसे हजारीबाग जाने को कहा था, जहां उसके नाना ने उसे बीएसएससी के प्रश्नपत्र और आंसर दिये थे.
 

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