ओवैसी की गिरफ्तारी उनके अखबार की नज़र में

अकबरुद्दी ओवैसी की गिरफ्तारी पर उनके निजी उर्दू अखबार ने आठ कॉलम की खबर छापते हुए लिखा है कि तबियत खराब होने के बावजूद पुलिस ने उन्हें नाटकीये ढंग से गिरफ्तार कर लिया.अखबार”एत्तमाद” ने लिखा है कि रात दो बजे तक पुलिस ने उन्हें थाने में ही रखा..

इस अखबार के सम्पादक बुरहानुद्दीन ओवैसी हैं जो अकबरुद्दीन के छोटे भाई है.यह अखबार हैदराबाद से प्रकाशित होता है और इसके पाठकों की संख्या भी काफी है.

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अकबरुद्दीन ओवैसी मजलिस इत्तेहादुल मुसलेमीन के आंध्र प्रदेश विधायक दल के नेता हैं और उन पर आरोप है कि उन्होंने एक समुदाय के खिलाफ नफरत भरे भाषण दिये थे.एत्तमाद ने लिखा है कि सुबह को पुलिस का एक अधिकारी अकबरुद्दीन ओवैसी के घर पहुंचा और उन से कहा कि वह नाश्ता न करें क्योंकि उनकी मेडिकल जांच कराई जायेगी.और पुलिस उन्हें अस्पताल ले गई. पुलिस ने दिन भर कुछ भी खाने नहीं दिया और यहां तक दवाइयां भी उन्हें नहीं लेने दी गईं.अखबार ने हालांकि लिखा है कि डाक्टरों ने जांच के बाद उनकी सेहत को ठीक पाया लेकिन अखबार ने दावा किया है कि अकबरुद्दीन की पीठ में गोली लगी है जो अब भी उनकी पीठ में फंसी है इसके कारण उन्हें चलने फिरने में तकलीफ होती है.उन्हें हरनिया और पेट में दर्द रहता है.

एत्तमाद में छपे बयान में कहा गया है कि देश के लिए
अकबरुद्दीन को खतरा बताया जा रहा है जबकि तोगड़िया
जैसे लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है.
बयान में यह भी कहा गया है कि इस देश में मुसलमानों
के लिए दोहरा पैमाना इख्त्यार किया जाता है जब कि
हिंदू आतंकवाद को खुली छूट दे दी गई है.

अखबार का दावा है कि उन्हें नियमित रूप से डाक्टरों की देख रेख में रहने की जरूरत है.अखबार ने लिखा है कि मेडिकल जांच के दौरान पुलिस और डाक्टर एक दूसरे को देख रहे थे और कोई फैसला नहीं ले रहे थे.बाद में अकबरुद्दीन ने उनसे कहा कि या तो उन्हें गिरफ्तार किया जाये या छोड़ दिया जाये. बाद में आला पुलिस अधिकारियों के इशारे पर उन्हें गिरफ्तार किया गया.एत्तमाद ने एक सूत्र के हवाले से लिखा है कि ओवैसी ने पुलिस को कहा कि जब उन्हें गिरफ्तार करना था तो ड्रामा करने की क्या जरूरत थी.अखबार ने लिखा है कि ओवैसी की गिरफ्तारी के बाद शांति के साथ प्रदर्शन करने वाले समर्थकों पर पुलिस ने कई बार लाठी चार्ज किया जिससे बेशुमार लोग जख्मी हो गये.

अखबार ने एक बयान छापा है जिसमें कहा गया है कि भारत के मुसलमान नेताओं को हिंदू आतंकवाद और पुलिस से खतरा है.अखबार लिखता है कि दिल्ली में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के लोगों ने अकबरुद्दीन के भाई बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी के घर पर हमला किया है.असदुद्दीन ओवैसी हैदराबाद से सांसद हैं.

एत्तमाद में छपे बयान में कहा गया है कि देश के लिए अकबरुद्दीन को खतरा बताया जा रहा है जबकि तोगड़िया जैसे लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है.बयान में यह भी कहा गया है कि इस देश में मुसलमानों के लिए दोहरा पैमाना इख्त्यार किया जाता है जब कि हिंदू आतंकवाद को खुली छूट दे दी गई है.

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