कश्मीर में कत्ले आम पर IAS Topper काे इस्तीफे से हड़कम्प, चिदम्बरम ने इसे बताया मोदी के खिलाफ महाभियोग

कश्मीर में कत्ले आम पर IAS Topper काे इस्तीफे से हड़कम्प, चिदम्बरम ने इसे बताया मोदी के खिलाफ महाभियोग. कश्मीर से भारत के पहले IAS Topper शाह फैसल द्वारा सिविल सेवा की नौकरी छोड़ने का मुद्दा सियासी सरगर्मी का कारण बन गया है.

कश्मीर में कत्ले आम पर IAS Topper काे इस्तीफे से हड़कम्प, चिदम्बरम ने इसे बताया मोदी के खिलाफ महाभियोग. कश्मीर से भारत के पहले IAS Topper शाह फैसल द्वारा सिविल सेवा की नौकरी छोड़ने का मुद्दा सियासी सरगर्मी का कारण बन गया है.

शाह फैसल ने IAS की नौकरी छोड़ने के पीछे जिन कारणों को गिनाया है उनमें सबसे प्रमुख है ‘कश्मीरियों का कत्ले आम’ –Unabated killing in kashmir.

फैसल 2010 बैच के IAS Topper रहे हैं. उससे पहले उन्होंने अपना करियर डाक्टर के रूप में शुरू किया था.

शाह फैसल ने कश्मीर में हत्याओं का दौर खत्म ना होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था और उनका इशारा था कि इसके लिए केंद्र सरकार की पालिसियां जिम्मेदार हैं.

 

फैसल के इस फैसले पर पूर्व वित्त मंत्री पी चिद्मबरम ने गंभीर इश्यु बताते हुए भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि शाह फैसल के इस गुस्से और नाराजगी को दुनिया नोट करेगी. चिद्मबरम में ट्विट करते हुए कहा कि फैसल का इस्तीफा देना नरेंद्र मोदी सरकार पर एक महाभियोग है.

चिद्मबरम ने कहा कि मैं शाह फैसल के फैसले पर उन्हें सलाम करता हूं उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे जो कारण गिनाये हैं उसे दुनिया याद रखेगी फैसल का यह फैसला नरेंद्र मोदी की सरकार के खिलाफ एक गंभीर आरोप पत्र के समान है.

एक अन्य ट्विट में चिदम्बरम ने लिखा- ज्यादा समय पहले की बात नहीं है जब प्रसिद्ध पुलिस अधिकारी श्री रिबेरो ने इसी तरह की बात कही थी, लेकिन सत्ता में बैठे लोगों के मुंह से आश्वासन का एक शब्द भी नहीं निकला। हमारे साथी नागरिकों के इस तरह के बयानों से हमें अपना सिर शर्म और पछतावे में झुका लेना चाहिये.

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याद रहे कि शाह फैसल आईएएस बनने के बाद लगातार अपनी बेबाकी के लिए चर्चा में रहे हैं. पिछले दिनों राष्ट्रीय मीडिया उनकी तस्वीर खूब दिखाई थी और आतंकियों को शाह फैसल से सीख लेने की बात कही थी. इस पर फैसल ने ट्विट किया था- ‘मेरी तस्वीर को हिजबुल कमांडर के साथ तुलना करके दिखाने से राष्ट्रीय मीडिया ने एक बार फिर मामले को तूल देने, लोगों को बांटने और घृणा पैदा करने की कोशिश की है। जब कश्मीर अपनी मौतों पर रो रहा है तब लाल और नीले न्यूजरूम्स से प्रचार और उत्तेजना के द्वारा कश्मीर में अलगाव और क्रोध की भावना फैलाई जा रही है।

उधर शाह फैसल के इस फैसले का नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्लदुल्लाह ने साहसिक कदम बताते हुए स्वागत किया है.

समझा जाता है कि फैसल राजनीति में कदम रखेंगे और वह नेशनल कांफ्रेंस में शामलि हो सकते हैं.

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