कोसी से तबाही का अंदेशा , मुकाबले के लिए प्रशासन तैयार

कोसी नदी फिर एक त्रासदी का गवाह बनने के लिए तैयार है। कोसी की एक सहायक नदी का बहाव भूस्‍खन के अवरुद्ध हो गया है। बताया जा रहा है कि मार्ग खोलने के लिए पत्‍थर को बम विस्‍फोट कर उड़ाय जाएगा। इसके लिए कोसी में अचानक पानी का बहाव और मात्रा तेज हो जाएगी, जिससे तटबंध पर खतरा बढ़ने की संभावना बढ़ गयी है। इस बीच केंद्र और राज्‍य सरकार ने राहत और बचाव कार्य में तेजी का निर्देश दिया है। कई जिलों के प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया।ndrf

 

नौकरशाहीडॉटइन डेस्‍क

 

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल में कोशी नदी का प्रवाह रुकने पर चिंता जताते हुए बिहार और नेपाल सरकार को हरसंभव मदद देने के निर्देश दिये हैं। इसे देखते हुए कैबिनेट सचिव अजित सेठ की अध्यक्षता में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति की आपात बैठक हुई, जिसमें स्थिति की समीक्षा की गयी। बिहार में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल की 15 टीमें भेज दी गयी हैं। उधर मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने अपनी रविवार की प्रस्तावित गया यात्र रद्द कर दी है। वे रविवार को कोसी क्षेत्र में चल रहे राहत व बचाव कार्यो का जायजा लेंगे। इधर, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने स्थिति की समीक्षा की और केंद्रीय कैबिनेट सचिव, विदेश सचिव और केंद्र सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को कोसी की संभावित त्रसदी की सूचना उपलब्ध करा दी है। इस बीच राज्य के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने बाढ़ संभावित सभी आठ जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर हालात का जायजा लिया। मुख्य सचिव ने बताया कि प्रभावित होने वाले इलाकों में युद्ध स्तर पर राहत कैंपों की स्थापना कर ली गयी है और उसमें रोशनी, भोजन, पीने का पानी, शौचालय तथा संचार की सुविधाएं भी उपलब्ध करा दी गयी हैं।

 

उल्‍लेखनीय है कि  नेपाल में भारी भूस्खलन के बाद कोसी की एक सहायक नदी का मार्ग अवरुद्ध हो गया है और भारी मात्रा में पानी रुक गया है। पत्थर हटने के बाद कोसी में अचानक भारी जल भरने की आशंका है। इससे सुपौल, मधेपुरा समेत उत्तर बिहार के कई जिलों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। यही नहीं कोसी नदी के तटबंध पर भी खतरा उत्पन्न हो गया है। बिहार ने आसन्न खतरे को देखते हुए केन्द्र सरकार को त्राहिमाम संदेश भेज दिया है। साथ ही अपने स्तर से खतरे से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। कोसी क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और वीरपुर में कोसी नदी के सभी 56 गेट खोल दिए गए हैं। 

 

जल संसाधन विभाग ने संबंधित इंजीनियरों की छुट्टी रद्द कर दी है और उन्हें 24 घंटे चौकसी बरतने की ताकीद की गयी है। उधर नेपाल से भारत सरकार से भी मदद की गुहार लगाई है।  नेपाल के कोसी जलग्रहण क्षेत्र में भोटे कोसी नदी में सिन्धु पाल चौक जिलान्तर्गत खैदी चौर के समीप अचानक भारी भूस्खलन होने से काफी मात्रा में पानी के अवरुद्ध होने की सूचना है। हालांकि कितनी मात्रा में पानी का मार्ग बंद है, इसकी सही जानकारी नहीं मिल पाई है। आकलन है कि इसमें 2 से 4 लाख क्यूसेक पानी तक हो सकता है। उधरजलसंसाधनमंत्रीविजयकुमारचौधरीनेकहाहैकिआसन्न खतरे को देखते हुए हमने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। केन्द्र सरकार से भी सहयोग मांगा है। इंजीनियरों को अलर्ट कर दिया गया है। कोसी के सभी गेट खेल दिए गए हैं ताकि पानी निकल सके। एनडीआरएफ की टीम से भी सहयोग लिया जाएगा।

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