कौमी एकता के तरानों से रात भर गूंजता रहा नवादा, मुशायारे ना जीता श्रोताओं का दिल

 नवादा में सामाजिक समरसता व  भाईचारे की भावना बढ़ाने के उद्देश्य से  शनिवार को ‘एक शाम कौमी एकता के नाम’  पर समर्पित मुशायारे का आयोजन किया गया.
इस मुशायरे में देश भर के अनेक नामचीन कवियों और शायरों ने कौमी एकता की चाश्नी से लबरेज नज्मों और कविताओं से सब को विभोर कर दिया. मुशायरे का आयोजन सुन्नी वक्फ बोर्ड के स्थानीय अध्यक्ष इकबाल हैदर खान मेजर की संस्था ‘कोशिश’  की पहल पर हुआ.
इस अवसर पर राष्ट्रीय कवि डॉक्टर कमलेश राजहंस, संज्ञा तिवारी, शंकर कैमुरी सहित अनेक शायरों ने अपनी रचनाये पेश कीं. इस दौरान पूरी रात लोगों ने मुशायरे का लुत्फ लिया.
  मुख्य अतिथि के रूप में बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, एमएलसी सलमान रागिब, पूर्व विधायक कौशल यादव, प्रदीप कुमार सहित अन्य शामिल हुए। मंच की अध्यक्षता सुन्नी वफ्फ बोर्ड के अध्य्क्ष इकबाल हैदर खान मेजर ने किया.

इकबाल मेजेर की पहल पर हुआ मुशायरा

इस समारोह में सोनभद्र यूपी के राष्ट्रीय कवि कमलेश राजहंस की अगुआई में देश भर के ख्यातिप्राप्त कवि और शायर के साथ स्थानीय कवि और शायर शामिल थे. आकाशवाणी के शंकर कैमूरी सम्मेलन ने संचालन किया. कमलेश राजहंस समेत आजमगढ़ यूपी से अहमद आजमी, , वाराणसी से संज्ञा तिवारी और गहमर यूपी से फजीहत गहमरी  ने लोगों की खूब वाहवाही लूटी.जबकि पयाम कौशरी, प्रो उमेश प्रसाद सिंह, राजेश मंझवेकर, मौलाना अजमल कादरी, एजाज रसूल और शाकिब हसन ने भी अपनी नज्मों से लोगों का दिल जीता.
 मुशायरे के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री श्रवण कुमार और विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व विधायक कौशल यादव व एमएलसी सलमान रागीब काफी देर तक मौजूद रहे.
मुशायरे के बाद कोशिश फाउंडेशन के प्रमुख इकबाल हैदर खान मेजर ने कहा कि  नवादा की धर्ती आपसी भाईचारे और प्रेम की धरती है लेकिन पिछले दिनों कुछ असमाजिक तत्वों ने इस भाई चारे को तोड़ने की कोशिश की थी. लेकिन इस मुशायरे की कामयाबी ने साबित कर दिया कि जिले के लोग अमन और भाईचारे को पसंद करते हैं.

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