क्या फनीश मूर्ति एक डूबते सितारा का नाम है?

औरत कामयाबी के आसमान पर पहुंचाने में प्रेरणादायी है तो औरत की हवस तबाही के गर्त में भी पहुंचाने की वजह बनती है. क्या फनीश मूर्ति इसकी मिसाल हैं?

फनीश कभी नारायण मूर्ति के चहेते थे

फनीश कभी नारायण मूर्ति के चहेते थे

लिजन जोसेफ/इंदु नंदकुमार

साल 2002 में ट्रैक गंवाने के बाद 49 साल के मूर्ति शानदार वापसी करने में जुटे थे. उनकी इस गलती से न सिर्फ उनकी जॉब चली गई है, बल्कि उनका करियर भी खत्म हो जाएगा. पटनी को 2011 में 1.2 अरब डॉलर में खरीदने के बाद मूर्ति सॉफ्टवेयर सर्विसेज मैप के सेंटर में आ गए थे. पटनी, आईगेट के मुकाबले तीन गुना बड़ी कंपनी थी. हालांकि, अब ये सारी बातें इतिहास का हिस्सा हैं.

इंफोसिस के पूर्व डायरेक्टर टी वी मोहनदास पाई ने बताया, ‘एक नाटकीय घटना के बाद उन्होंने फिर से ऐसा करने की कोशिश की है. उनके लिए ऐसा करना निहायत ही बेवकूफी भरा कदम है.’ मूर्ति ने सेल्स की ट्रेनिंग इंफोसिस में ही हासिल की थी. बाद में वह इस कंपनी के ग्लोबल सेल्स ऐंड मार्केटिंग हेड बन गए थे. अपनी सेक्रेटरी आर मैक्सिमोविच के साथ रिश्तों के कारण 2003 में मूर्ति को इंफोसिस में नौकरी गंवानी पड़ी थी.

महिला के चक्कर में गयी आईगेट के अध्यक्ष की नौकरी

इसके बाद उन्होंने आईटी कंपनी क्वेंटेंट सिस्टम्स शुरू की थी, जिसे आईगेट ने खरीद लिया था. उनकी रिजीम में आईगेट एक नुकसान वाली छोटी कंपनी से बड़ी आईटी कंपनियों की जमात में शामिल हो गई.

इसका श्रेय मूर्ति को जाता है.

बड़ी आईटी कंपनियों के साथ काम करने वाली फर्म आइक्या ह्युमन कैपिटल सॉल्यूशंस के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर अजीत आइजैक ने बताया, ‘ऐसा लगता है कि बिजनस की बेहतरीन समझ रखने वाले इस शख्स से कुछ चीजें समझने में गलती हो गई है.’ ज्यादातर लोगों को यह विश्वास नहीं हो रहा कि वह दोबारा ऐसा गलती कर सकते हैं. तकरीबन एक दशक पहले मूर्ति इंफोसिस में उभरते सितारे थे, नारायणमूर्ति के चहेते. सेक्सुअल हैरेसमेंट के आरोपों पर न सिर्फ उन्हें अपनी नौकरी गंवानी पड़ी, बल्कि उनकी साख और करियर को भी झटका लगा.

आईगेट में वापसी करने के बाद मूर्ति ने दुनिया के बड़े बिजनस अखबारों और मैगजीन में विज्ञापनों के जरिए आईटी सेक्टर के लीडर्स पर जमकर ताने कसे थे. उन्होंने आईगेट में खुद को बदलाव का नुमाइंदा बताते हुए कई ऐसी चीजें कीं, जिनसे कंपनी की तकदीर बदल गई. आईटी इंडस्ट्री के एक सीनियर एग्जेक्युटिव ने नाम जाहिर नहीं किए जाने की शर्त पर बताया, ‘फणीश बेहद प्रतिभाशाली हैं और ऐसे लोगों को बाकी के मुकाबले ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.’

इकोनॉमिक टाइम्स से साभार

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