क्रांतिकारी साबित हो सकता है प्रत्याशी चयन का ‘राहुल फार्मुला’

पढिए कि लोकसभा प्रत्याशियों के चयन के लिए कांग्रेस ने ‘राहुल फार्मुला’ के तहत देश के 30 लोकसभा क्षेत्रों के उम्मीदवारों के चयन का क्या तरीका अपनाया है.

नये फार्मुले से सदमे में अमित ओला

नये फार्मुले से सदमे में अमित ओला

रमेश सर्राफ, राजस्थान से

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी का टिकट चाहने वाले प्रत्याशियों का चयन आम कांग्रेसी कार्यकर्ताओं द्वारा करवाने का एक नया प्रयोग करने जा रहे हैं। इस प्रयोग के लिये देश के 30 लोकसभा क्षेत्रों को चुना गया है जिसमें राजस्थान के झुंझुनू व बीकानेर संसदीय क्षेत्र को शामिल किया गया है।

इस नई व्यवस्था में पार्टी प्रत्याशी को स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता चुनेंगे।
कांग्रेस पार्टी में कार्यकर्ताओं को हर बार ये शिकायत रहती है कि चुनावों में उम्मीदवारों के चयन में नीचे के लेवल के नेताओं की राय नहीं जानी जाती। इसी बात को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने कार्यकर्ताओं द्वारा उम्मीदवारों के चयन को लेकर इस फार्मूले को इस बार लोकसभा चुनाव में आजमाने जा रही है।

अभी केवल देश भर की 30 सीटों पर इसे आमजाया जा रहा है, अगर ये फार्मूला सफल होता है तो आगे आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में इसी फार्मूले पर काम होगा।
राजस्थान की इन दोनों संसदीय सीटों पर प्रत्याशियों के चयन के लिए लगाए गए पर्यवेक्षकों को दिल्ली में चुनाव प्रशिक्षण दिया गया है। बीकानेर जहां अनुसूचित जाति के लिये आरक्षित सीट है वहीं झुंझुनू किसान बहुल सीट है।

कौन होंगे मतदाता

कांग्रेसी सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार लोकसभा प्रत्याशी चयन के लिए होने वाले चुनाव की मतदाता सूची में उस लोकसभा क्षेत्र के वर्तमान व सभी पूर्व कांग्रेसी सांसद,विधायक,जिला प्रमुख,पंचायत समिति प्रधान, नगर परिषद व नगर पालिकाध्यक्ष,जिला परिषद,पंचायत समिति,नगर परिषद,नगर पालिका सदस्य,जिला कांग्रेस कमेटी,ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व पदाधिकारी,युवक कांग्रेस,एनएसयूआई,सेवादल व महिला कांग्रेस के जिला अध्यक्ष,अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति,अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष व कार्यकारिणी, क्षेत्र के अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी व सदस्य,जिला कांग्रेस कमेटी के सदस्य,कांग्रेस के सरपंच व पुराने कार्यकर्ताओं के नाम शामिल होंगे।

दिल्ली से जायेंगे चुनाव अधिकारी

चुनाव सम्पन्न करवाने के लिये दिल्ली से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी से 20 चुनाव अधिकारियों की एक टीम आयेगी जो क्षेत्र में रहकर मतदाता सूची तैयार करेगी। चुनावी टीम के दो-दो सदस्य क्षेत्र के सभी आठों विधानसभा क्षेत्रों में जाकर मतदाता सूची बनायेंगें।

3 मार्च को वोटिंग

झुंझुनू लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी चयन के लिए तीन मार्च को वोटिंग होगी। प्रक्रिया 15 फरवरी को शुरू हो जाएगी। प्रत्याशी को टिकट तभी मिल सकेगी जब उसने कुल 50 फीसदी वोट प्राप्त किए होंगे। कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के इस फार्मूले में सर्व सम्मति होने पर वोटिंग नहीं कराई जाएगी। मतदाताओं को सुबह 11 बजे तक मतदान स्थल पर प्रवेश दिया जाएगा। इसमें दावेदार को अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा। उसके बाद में वोटिंग होगी। दावेदार का चयन प्रक्रिया राष्ट्रपति प्रणाली की तर्ज पर गणना होगी। मतदाताओं को दो विकल्प देने होंगे। मतगणना में दावेदारों को सबसे पहले कम वोट वाले को दावेदारी से बाहर किया जाएगा। उसके बाद उसे अधिक वोट वाले को बाहर किया जाएगा। उन्हें मिले वोटों में दूसरे विकल्प को दूसरे प्रत्याशी के वोटों में शामिल किया जाएगा।

15 फरवरी को पार्टी के लोकसभा प्रभारी प्रदेश कांग्रेस महासचिव सुशील शर्मा जिला कांग्रेस कमेटी अग्रिम संगठनों,प्रकोष्ठों, विभागों, ब्लॉक अध्यक्षों, विधायकों, जिला प्रमुख, विधानसभा चुनाव में पार्टी के पराजित प्रत्याशियों की बैठक लेंगे। चुनाव की खासियत यह रहेगी कि इसमें मतदाता को चुनाव आयोग से जारी मतदाता पहचान पत्र से ही वोटिंग का अधिकार मिलेगा। अन्य दस्तावेज मान्य नहीं होंगे।

इस फॉर्मूले को जिन लोकसभा सीटों पर आजमाया जा रहा है उसके तहत टिकट मांगने वाले उम्मीदवारों का नामांकन भरवाया जायेगा फिर सभी टिकट के दावेदारों को व मतदाताओं को जिला मुख्यालय पर एक स्थान पर एकत्रित किया जायेगा। टिकट के हर दावेदार को कुछ समय मतदाताओं के समक्ष अपनी बात रखने का मौका दिया जायेगा कि उन्हे क्यों टिकट दिया जाये।उसके बाद कार्यकर्ता अपनी पसंद के उम्मीदवार के पक्ष में पर्यवेक्षक और दिल्ली से नियुक्त रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष मतदान करेंगे। जिस उम्मीदवार को सबसे ज्यादा वोट मिलेंगे उसे ही लोकसभा चुनाव का प्रत्याशी घोषित कर दिया जाएगा। प्रत्याशी की घोषणा चुनाव परिणाम के बाद तुरंत मौके पर ही की जाएगी।

आशंका

प्रत्याशियों को लेकर किस पद्धति से चुनाव कराए जाएंगे तो अभी स्पष्ट नहीं है लेकिन कार्यकर्ताओं शंका ये है कि ये चुनाव कहीं यूथ कांग्रेस चुनाव की तरह मैनेज तो नहीं हो जाएंगे। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिलों में बड़े नेताओं को वर्चस्व है। झुंझुनू में शीशराम ओला के पुत्र बृजेंद्र ओला, पूर्व विधायक श्रवण कुमार, पूर्व मंत्री जितेंद्र सिंह के खेमों में बंटा हुआ है। ऐसे में बड़े नेता इस चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं!

इस चुनावी प्रक्रिया से उन कांग्रेसी नेताओं को जरूर झटका लगा है जो जयपुर में रहकर जिले की नेतागिरी करते हैं तथा संगठन व सरकार में बड़े-बड़े पद हासिल कर लेते हैं। इस लिये वे अब मुहं छुपाते घूम रहे हैं। झुंझुनू संसदीय सीट पर कांग्रेस की और से मुख्य रूप से दावेदारी जताने वालों में पूर्व केन्द्रीय मंत्री शीशराम ओला की पुत्रवधु राजबाला ओला,उनके पौत्र अमित ओला,पुर्व विधायक श्रवण कुमार,प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव रियाज फारूकी, पूर्व मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा का नाम शामिल हैं। प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष डा.चन्द्रभान की भी मनसा है कि उन्हें भी लोकसभा टिकट मिले मगर इस नये फार्मूले ने उनके मंसूबो पर पानी फेर दिया है। उन्हे डर है कि कहीं उन्हे वोट नहीं मिले तो रही सही साख भी खराग हो जायेगी।

चुनावी कार्यक्रम इस प्रकार है
15 फरवरी को जिला कांग्रेस कमेटी, ब्लॉक, प्रकोष्ठ, विभागों के पदाधिकारियों की बैठक।
19- 21 फरवरी – सदस्यता अभियान।
24-25 फरवरी – जांच कार्य।
25 फरवरी – दोपहर एक से शाम चार बजे नामांकन पत्र दाखिल होंगे।
27 फरवरी- नामांकन पत्रों की जांच।
3 मार्च – सुबह 11 बजे तक मतदान केंद्र में प्रवेश।
3 मार्च सुबह- 11 बजे बाद सभा, दावेदार अपना पक्ष रखेंगे।
3 मार्च दोपहर को वोटिंग।
3 मार्च – मतगणना।
3 मार्च – परिणाम की सूचना हाईकमान को देंगे।

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