खतरनाक है शिक्षा में ठेकेदारी प्रथा

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और बिहार विधान सभा की लोक लेखा समिति के सभापति नंदकिशोर यादव ने राज्य की सरकारी नौकरियों में ठेका प्रथा के बढ़ते चलन के लिए महागठबंधन सरकार की तीखी आलोचना करते हुए आज कहा कि ठेका प्रथा की शुरूआत कर समान काम के लिए समान वेतन मांगने वाले कर्मियों के साथ सरकार घोर नाइंसाफी कर रही है।nk

 
श्री यादव ने कहा कि राज्य के करीब 40 हजार से अधिक नियोजित शिक्षक, 50 हजार से अधिक होमगार्ड जवान, नगर निकायों के हजारों कर्मी एक पखवाड़े से आन्दोलनरत हैं और राजधानी की सड़कों पर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इनके संगठनों की मुख्य मांग समान काम के लिए समान वेतन का भुगतान है। लेकिन राज्य सरकार ठेका प्रथा को बढ़ावा देते हुए इनकी मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है। साथ ही सड़कों पर उतरे कर्मियों को लाठी-डंडे से पिटाई कराकर उनके साथ अमानुषिक बर्ताव कर रही है।
भाजपा नेता ने कहा कि ठेका प्रथा पर नियुक्ति उन कर्मियों को उनके मूलभूत अधिकारों से वंचित करना है, जो वर्षों से राज्य सरकार की सेवा करते आये हैं। नगर निकायों में ठेका प्रथा की शुरूआत सफाई कर्मियों का शोषण है। अनुबंध के आधार पर नयी बहाली की प्रक्रिया पहले से कार्यरत कर्मियों को समान काम के अनुरूप समान वेतन से वंचित करना सरकार का घोर जनविरोधी रवैया है।

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