गुलाम सरवर की जयंती पर आत्मचिंतन, उर्दू के लिए संघर्ष का ऐलान

10 जनवरी को गुलाम सरवर की जयंती पर पटना में दो अलग-अलग कार्यक्रमों में आल इंडिया यूनाइटेड मुस्लिम मोर्चा और गुलाम सरवर फाउंडेशन ने उनके योगदान की चर्चा की।


एजाज अली की कयादत में आयोजित सम्मेलन में मुसलमानों और हाशिये के दीगर समाजों की सियासी व समाजी पखलुवों पर आत्मचिंतन किया गया। एजाज अली ने कहा कि आज देश को, आवश्यक मुद्दों से भटका कर साम्प्रदायिकता, मंदिर-मस्जिद, पाकिस्तान जैसे मुद्दों पर उलझा दिया गया है। जबकि, रोज़गार, भ्रष्टाचार, गरीबी और अशिक्षा हमारे असल मुद्दे हैं। पूर्व सांसद व मुस्लिम मोर्चा के प्रमुख एजाज अली ने कहा कि हमें असल मुद्दे पर लड़ना है।

इस अवसर पर मोर्चा के नेता कमाल अशरफ ने कहा कि हमें सरवर साहब के संघर्षों को आगे ले जाना है। इस अवसर पर प्रस्ताव पारित कर कहा गया कि उर्दू अकूलों को खत्म करने की साज़िश बंद होनी चाहिए और सरवर साहब के नाम पर रिसर्च संस्थान की सघापना होनी चाहिये। इस मौके पर, शिफ़ायत हुसैन, इस्राईल राजा, पत्रकार रेहान गनी व इर्शादुल हक ने भी अपनी बात रखी।

वहीं गुलाम सरवर फाउंडेशन द्वारा “बिहार का विकास कैसे करें: एक बहस” पर सेमिनार का आयोजन किया गया
।इस कार्यक्रम के आयोजक डॉ शौकत अली  थे ।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता ने कहा कि गुलाम सरवर स्वतंत्र भारत में बिहार के एकमात्र नेता थे, जिन्होंने सड़कों से लेकर विधानसभा तक उर्दू के लिए लड़ाई लड़ी और इसे दिया।

स्वर्गीय गुलाम सरवर धर्मनिरपेक्षता और हिंदू-मुस्लिम एकता के अग्रणी थे। वह धर्म और राष्ट्रीयता के भेद के बिना काम करने में विश्वास करते थे।

इस अवसर पर देश के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ अहमद अब्दुल हई ने एक संक्षिप्त और व्यापक बात कही। उन्होंने कहा कि बिहार में आज उर्दू को दूसरी भाषा के रूप में दर्जा गुलाम सरवर के कारण है।

कार्यक्रम में, राजद के वरिष्ठ नेता डॉ। तनवीर हसन ने स्वर्गीय गुलाम सरवर को बहुत दिल से श्रद्धांजलि दी और कहा कि यह राजनीति और पत्रकारिता में उनकी मजबूत भागीदारी का परिणाम है कि लोग आज उनकी मृत्यु के बाद भी उन्हें याद करते हैं।

डॉ मनीष मंडल, निदेशक, IGIMS ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और कहा कि हिंदी और उर्दू के बीच काफी समानता है।

।शाहिद इकबाल मीना, फैज-उर-रहमान फैजी, डॉ। पंकज वासनी, इफ्तिखार जिलानी, विनोद चौधरी निषाद, डॉ। शांति जैन, अलीम अंसारी, नेत सिंह, इम्तियाज करीम, डॉ अनवारुल होदा, मो० सोहेल, प्रौद्योगिकी और नवाचार, निदेशक, एल एंड टी इन्फोटेक।,एस एम अनवर हुसैन, पूर्व अध्यक्ष, छात्र संघ, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय।, अब्दुल्ला जमाल, प्लुरल्स पार्टी, पटना, बिहार।, विनोद चौधरी निषाद – अध्यक्ष, बिहार राज्य, भारतीय मजदूर संघ (ICL), गु फरान शाहीन, सचिव, बीजेआर, बिहार,अलीम अंसारी, सदस्य बिहार बंकर कल्याण समिति।,अलीम अंसारी, प्रदेश आदिकेश, दलित मुस्लिम एकता मंच।,मौलाना शकील हाशमी,,पंडित राजेश शुक्ला टिल्लू, महासचिव, गंगा सिलाई दाल, समस्ती बिहार।, मो। गुफरान शाहीन, प्रदेश महामंत्री।,इबरार अहमद राजा, सामाजिक कार्यकर्ता, बिहार।, शौकत अली, सचिव, बीजेआर,डॉ। राहत अली, महासचिव, एआईजेआर, भारत। और अन्य लोगों ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शौकत अली ने की, इस प्रोग्राम के संचालक डॉ  मुहम्मद सैफ ने किया  बड़ी संख्या में बिहार के श्रोताओं ने इस कार्यक्रम में शिरकत की और वक्ताओं को गौर से सुना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*