चारा घोटाला: “नहीं मिली है नीतीश कुमार को राहत”

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ याचिका दायर करने वाले मिथिलेश कुमार ने नौकरशाही डॉट इन को बताया है कि चारा घोटाले पर अखबारों में आ रही खबरें भ्रामक हैं, उन्हें कोई राहत नहीं मिली है.NITISH.KR

रांची की अदालत ने लोक चेतना मंच के संयोजक और चारा घोटाला के याचिकाकर्ता मिथिलेश कुमार की यह अपील स्वीकार कर ली है कि अगर नीतीश कुमार के खिलाफ चारा घोटाला में संलिप्तता का कोई सुबूत है तो वह 13 दिसम्बर तक अदालत में पेश करें. इस संबंध में रांची की अदालत ने 22 नवम्बर को सुनवायी की और अब अगली सुनवाई 13 दिसम्बर को होगी.

मिथिलेश ने कहा कि यह खबर भ्रम फैलाने वाली है कि सीबीआई ने अदालत में पेश अपने हलफनामे में कहा है कि नीतीश कुमार के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला है.
मालूम हो कि कुछ अखबारों ने शनिवार को प्रकाशित खबरों में लिखा है कि ‘चारा घोटाले में नीतीश के खिलाफ सुबूत नहीं’ या “चारा घोटाले में नीतीश को राहत”.

मिथेलेश ने नौकरशाही डॉट इन को बताया कि दर असल मामले की जांच कर रही सीबीआई ने अदालत में पेश अपने हलफनामे में शुक्रवार को कहा कि नीतीश कुमार, शिवानंद तिवारी और ललन सिंह के खिलाफ चारा घोटाले में शामिल होने के आरोप प्राप्त हुए थे लेकिन उन आरोपों को जांच के लायक नहीं समझा गया.

कुल मिला कर अदालत के कदम से नीतीश कुमार की मुश्किलें अभी कम नहीं हुई हैं.

दूसरी तरफ मिथिलेश कुमार ने सीबीआई पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह चारा घोटाले में जानबूझ कर ‘किसी’ को बचाने और ‘किसी’ को फंसाने में लगी है. मिथिलेश का साफ इशारा लालू प्रसाद की तरफ था. मालूम हो कि सीबीआई की अदालत ने चारा घोटाले में लालू प्रसाद को छह साल की सजा सुनायी है और वह रांची की जेल में हैं.

नीतीश कुमार के मामले में रांची की अदालत द्वारा याचिकाकर्ता मिथिलेश कुमार को 13 दिसम्बर तक साक्ष्य पेश करने का अधिकार दिये जाने के संबंध में मिथिलेश कुमार काफी उत्साहित हैं. उन्होंने अदालत को धन्यवाद देते हुए कहा कि अदालत ने मेरी अर्जी स्वीकार करके इंसाफ की उम्मीदों को और जगाया है. मिथिलेश कुमार वही याचिकाकर्ता हैं जिन्होंने अदालत में दावा किया था कि पशुपालन विभाग के अधिकारी श्यामबिहारी सिन्हा ने नीतीश कुमार, शिवानंद तिवारी और ललन सिंह को एक करोड़ 39 लाख रूपये दिये थे.

मिथिलेश ने इस संबंध में सीबीआई के तत्कालीन एसपी जो चारा घोटाले के जांचकर्ता थे, ने पटना हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा था कि नीतीश कुमार के सहयोगियों को चारा घोटाला के पैसे मिले थे. इस मामले की अगली सुनवायी 13 दिसम्बर को होनी है और यह मामला इस बात पर निर्भर करता है कि मिथिलेश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ कितने महत्वपूर्ण साक्ष्य पेश करते हैं.

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