चुनाव कहानी: 265 वोट से हार का बदला 498 वोट से लिया

विधानसभा का चुनाव वर्ष 2000 में काफी रोचक रहा जब राजद के रामदास राय ने भाजपा उम्मीदवार जनक सिंह को महज 265मतों से मात दे थी.रामदास को 40680 वोट जबकि जनक को 40415 वोट मिले थे.

अनूप नारायण सिंह

फरवरी 2005 में हुए बिधानसभा चुनाव में पला बदल लोजपा के टिकट पर मैदान में उतरे जनक सिंह ने रामदास राय को 498 वोट से पराजित कर इस हार का बदला लिया.वर्ष 2010 के वुधान सभा चुनाव में जनक सिंह को कुल 26600 वोट जबकि कांग्रेस के तारकेश्वर सिंह को 19630 वोट मिले थे.

तरैया असेम्बली क्षेत्र

महाराजगंज संसदीय क्षेत्र में आने वाले तरैया विधानसभा यादव और राजपूत बहुल है.वर्तमान में भाजपा के जनक सिंह यहाँ से विधायक है.रामदास राय को यहाँ की जनता ने सबसे ज्दा बार विधायक बनाया.संघ से जुड़े रामदास राय बिहार सरकार में मंत्री भी रहे. एक सड़क दुर्घटना में उनके निधन के बाद उनके अनुज मुंद्रिका राय उनकी जगह सँभालने पिछले चुनाव में निर्दलिये उतरे थे 15 हजार के करीब वोट भी मिले थे. तीसरे स्थान पर थे. कांग्रेस उमीदवार तारकेश्वर सिंह दूसरे स्थान पर थे. तारकेश्वर अब भाजपा में है और बनियापुर से चुनाव लड़ने की तैयारी में है.

जनक सिंह तरैया से भाजपा के पुनः उमीदवार होंगे \अगर जनता परिवार का संयुक्त उमीदवार की बात हुई तो शैलेन्द्र प्रताप सबसे आगे है मुन्दिरका राय यादव मतों के सहारे टिकट के दावेदार हैं वही पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के भतीजा और दीन सिंह के पुत्र युवराज नाम से चर्चित सुधीर सिंह ने तो इलाके में अपना चुनाव प्रचार तक शुरू कर दिया है.स्थानीये सांसद सिग्रीवाल और छपरा के सांसद रूढ़ि जनक से नाराज हैं पर जनक को इससे कोई फर्क नही पड़ता स्वजातीय राजपूत मतदाताओ में उनकी पाकर अच्छी है साथ ही साथ सत्ता विरोधी लहर का फ़ायदा भी उनको मिल सकता है.

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