जब सरकार ही नियम बना के भूल जायें

अगर किसी आईएएस,आईएफएस या आईपीएस अधिकारी के दो से अधिक बच्चे हैं तो यह सेवा नियमावली के खिलाफ है पर हैरत है कि इस नियमावली पर न तो सरकारों का ध्यान है न अधिकारियों का. बता रही हैं नूतन ठाकुरtwochildrenfamily

सरकारें अकसर नियम बना कर उसे भूल जाने के लिए जानी जाती हैं. अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियमावली 1968 का नियम 17 ए एक ऐसा ही नियम है. इस नियम के अनुसार इन सेवाओं के प्रत्येक अधिकारी को अपने व्यक्तिगत स्तर पर दो शिशु परिवार मानक का पालन करना अनिवार्य है. यह नियम 13 जनवरी 1995 को नोटिफिकेशन संख्या 11017/27/93—एआईएस(III) के माध्यम से लागू किया गया था.

अतः, इस नियम के लागू होने के बाद प्रत्येक आईएएस, आईपीएस तथा भारतीय वन सेवा के अधिकारियों से यह उम्मीद की जाती है कि उनके पास दो से अधिक संतानें ना हों. लेकिन केन्द्र और राज्य सरकारों ने इन नियमों का पालन कराने के लिए कोई भी प्रयास नहीं किया है.

मैंने अब यह मुद्दा इन तीनों सेवाओं के कैडर नियंता मंत्रालय- कार्मिक मंत्रालय (आईएएस), गृह मंत्रालय (आईपीएस) तथा वन मंत्रालय (आईएफएस) के सामने उठाया है. मैंने प्रत्येक अधिकारी के सम्बन्ध में सूचना एकत्र कर उन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही किये जाने की मांग की है जिन्होंने इस नियम का उल्लंघन किया है.

मेरा यह दृढ मत है कि यदि कोई नियम बनाया जाए तो उसका पालन भी होना चाहिए.

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