जमुई के अछूते इलाकों में पांव पसारते नक्सली, बे फिक्र पुलिस

नौकरशाही डॉट इन को खबर मिली है कि  जमुई के कई अछूते इलाकों में नक्सलियों ने अपने पांव पसार लिये हैं पर पुलिस बे फिक्र है जबकि पिछले वर्षों में इसी असंवेदनशीलता के कारण 8 पुलिसकर्मियों को जान गंवानी पड़ी थीnaksal

मुकेश कुमार, जमुई से

आज तक अछूते रहे जमुई के अलीगंज क्षेत्र को भी नक्सली संगठनों ने अपने कार्यक्षेत्र में शामिल कर लिया है .नए वर्ष में नक्सलियों ने जहाँ अपने कार्यक्षेत्र और संगठन में फेरबदल किये हैं वहीँ अलीगंज प्रखंड को मगध क्षेत्र के औरंगाबाद ,गया ,कैमूर ,नवादा जोन से जोड़ दिया है . सूत्रों की माने तो पिछले कई दिनों से चन्द्रदीप थानाक्षेत्र की सीमा से सटे नवादा जिले के कौआकोल के नढ़ला ,भुआलटांड आदि ग्रामीण इलाके में नक्सलियों के गुर्रिल्ला दस्ता ने अपनी गतिविधि को सक्रीय करते हुए अलीगंज के सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाके में नई घटना को अंजाम देने की कवायद में जुटे रहने की बात बताई जाती है. हालांकि स्थानीय पुलिस को भी नक्सलियों से कैम्प करने की बात की जानकारी है लेकिन पुलिस अपनी आदत के मुताबिक नक्सली संगठन के विरुद्ध कारवाई नहीं करती जब तक नक्सलियों द्वारा किसी घटना को अंजाम नहीं दिया जाता.

कई राज्यों से जुड़ा नेटवर्क

बतातें चले कि चन्द्रदीप थानाक्षेत्र के सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाके व नवादा जिलें के नक्सल प्रभावित कौआकोल थानाक्षेत्र का इलाका जो दुर्गम जंगल पहाड़ी इलाको से घिरा है जिसका संपर्क झारखण्ड व छतीसगढ के राज्यों से जुड़ाव रखता है.

ज्ञात हो कि कौआकोल थाना क्षेत्र के महुलिया टांड गाँव में संत रैदास जयंती समारोह के मौके पर नक्सलियों ने थानाध्यक्ष सहित आठ पुलिस कर्मी की हत्या कर उनके हथियार लुट लिए थे.

गौरतलब है कि जिले के सभी थाने पूर्व से ही नक्सली गतिविधियों के निशाने पर रहा है जिसमे अपवाद के रूप में जमुई जिले का चन्द्रदीप थाना माना जाता रहा है.परन्तु नक्सलियों की यह चहलकदमी इस इलाके में बढ़ जाने से पुलिस प्रशासन के लिए आने वाले समय में टेढ़ी खीर साबित हो सकती है. आपको बता दें कि चन्द्रदीप थाना का मुख्यालय बाजार अलीगंज प्रखंड है जहाँ पुलिस थाने की दूरी सात से आठ किलोमीटर है. विधि व्यवस्था को बनाये रखने के लिए पुलिस का गश्ती दल चन्द्रदीप से प्रखंड मुख्यालय बाजार में प्रत्येक दिन जाता है.जहाँ उसके शासस्त्र बल की संख्या चार या पांच होती है.

दहशत का माहौल

किसी मामले की छानबीन के दौरान थाना क्षेत्र के सुदूरवर्ती गाँव में जाने के दौरान जैसे भलुआना ,ईटाबाँध ,हुड़रहिया ,बेगवा ,कोदवरिया ,हिलसा आदि इलाके में पुलिस नक्सलियों के  टारगेट का शिकार हो सकती है.सूत्रों की मानें तो  नक्सली संगठन अपनी जोरदार उपस्थिति दर्ज कराने की मंशा रखकर इस ग्रामीण इलाके में लाइसेंसी हथियार रखने वाले लोगों के हथियार लूटकर दहशत का माहौल कायम करना चाहती है.वहीँ  इन संगठनों ने चन्द्रदीप पुलिस थाने परिसर पर भी अपनी पैनी निगाह जमा रखी है.

सूत्र यह भी बतातें हैं कि इस संगठन को सह देने में उक्त इलाके के कतिपय सफ़ेदपोश लोगो द्वारा भी संरक्षण और सुबिधा दी जाती है. इसके साथ ही नक्सलियों के खाने-पीने के सामान चन्द्रदीप थानाक्षेत्र के नहर मोड़ स्थित राशन दुकानदारों द्वारा थोक भाव में राशन मुहैया कराया जाता है . हैरत बात यह है कि पुलिस तंत्र इन खबरों से बेखबर है.वहीँ नक्सली संगठन इनकी हर गतिविधियों पर अपनी नजर बनाये हुई है. यदि समय रहते पुलिस प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कदम नहीं उठाये तो नक्सली संगठन अपने नापाक इरादों को अंजाम देने में कामयाब हो सकते हैं.

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