जम्‍मू–कश्‍मीर:  तकरार खत्‍म, शर्तों पर सौदेबाजी  

खंडित जनादेश के बाद जम्‍मू-कश्‍मीर में सरकार बनाने को लेकर नि‍श्चितता का बादल छंटने लगा है। पीडीपी और भाजपा की संयुक्‍त सरकार बनना तय हो गया है। सिर्फ शर्तों और समझौतों पर मंथन जारी है। अगले एक सप्‍ताह में पीडीपी की नेता महबूबा मुफ्ती के नेतृत्‍व में सरकार बन जाएगी, जिसमें भाजपा भी शामिल होगी। इस बीच भाजाप ने स्थायी सरकार के विकल्पों पर विचार-विर्मश के लिए राज्यपाल एन एन वोहरा से समय मांगा। भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा की अगुआई मे पार्टी के सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने यहां राज्यपाल के साथ चली करीब आधे घंटे की बातचीत के बाद राजभवन के बाहर संवाददाताओं को यह जानकारी दी।

 

प्रतिनिधिमंडल में शामिल जम्मू कश्मीर के प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने कहा कि शांति, विकास और मेल-मिलाप के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के एजेंडे पर पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के सुर में सुर मिलाते हुए उनकी पार्टी के साथ गठबंधन के संकेत दिये। श्री खन्ना ने कहा कि भाजपा श्री वाजपेयी के एजेंडे को आगे बढ़ाने तथा अमन, चैन और विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

 

उन्होंने कहा कि भाजपा को गठबंधन सरकार चलाने का अनुभव है और वह यह धर्म निभाना जानती है। श्री खन्ना ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर की जनता ने भाजपा के कंधे पर जो जिम्मेदारी डाली है, वह उसे वहन करने के लिए तैयार है।  श्री खन्ना ने कहा कि भाजपा ने शांति और विकास के एजेंडे पर चुनाव लड़ा था और वह इसे लागू करने के लिए स्थायी सरकार के विकल्प पर विचार-विर्मश कर रही है।  प्रतिनिधिमंडल में शामिल गांधीनगर से नव निर्वाचित विधायक कवीन्दर गुप्ता ने उम्मीद जतायी कि एक हफ्ते में नयी सरकार बन जाएगी। पार्टी अध्यक्ष ने भी कहा कि यथाशीघ्र स्थायी सरकार अस्तित्व में आ जाएगी।

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