जवानी 16 साल की

अनिता गौतम

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी के अनुसार असल जवानी तो सोलवें साल में ही शुरू होती है.वह इसके पांच कारण गिनाते हैं.

1971 बैच के ये आईएएस अधिकारी रिटायरमेंट के बाद आज कल चिंतन-मनन में लगे हैं.उनके चिंतन के कुछ विषय विवादस्पद हैं तो कुछ नीतिनिर्धारण और कानून में संशोधन पर बल देते हैं.

एक सोशल नेटवर्किंग साइट पर, अपने संदेश में कुरैशी ने कहा है कि पिछले कुछ दशक में हमरे यहां यौवन की न्यूनतम उम्र में कमी आई है और अब बच्चे-बच्चियां महज 16 साल में जवान यानी व्यस्क हो जाते हैं.

भले ही कुरैशी की राय सामाजिक मानदंडों के अनुकूल हो पर कानूनी तौर पर व्यस्क मानने के लिए 18 साल का होना जरूरी है. पर कुरैशी ने जो पांच तर्क गिनायें हैं, उसके समर्थन में शरीर विज्ञान के विशेषज्ञ भी आ गये हैं.

कुरैशी ने जिन पांच कारणों का सहारा लिया है उन में-

1.स्वास्थ्य और पोषण– कुरैशी मानते हैं कि पिछले कुछ दशकों में हमारे समाज में पोषण-आहार और स्वास्थ्य की स्थिति में काफी सुधार हुआ है जिसके कारण बच्चे जल्द व्यस्क होने लगे हैं.

2.लाइफ स्टाइल– हालांकि लाइफ स्टाइल में किस तरह का बदलाव हुआ है, इस पर कुरैशी ने कुछ कहा नहीं है पर उनका निश्चित तौर पर इशारा इस तरफ है कि आधुनिक रहन-सहन ने बच्चे-बच्चियों को यौवन संबंधी मुद्दों पर ज्यादा ही संवेदनशील बना दिया है.

3.सेक्स हार्मोन– कुरैशी ने वैज्ञानिक तर्क का हवाला देते हुए कहा है कि फास्ट फूड के चलन ने बच्चों में इंसुलीन की मात्रा में इज़ाफा कर दिया है, जो सेक्स हार्मोन को बढ़ाने मददगार होती है. कुरैशी के इस तर्क को एक चिकित्सक केके अग्रवाल ने समर्थन देते हुए कहा है कि कुरैशी की बाती शरीरविज्ञान के आधार पर सही हैं.

4.मीडिया-इंटरनेट– कुरैशी का मानना है कि मीडिया और इंटरनेट तक बच्चों की पहुंच आसान होने के कारण उन्हें सेक्स के प्रति ज्यादा उत्साहित और जागरूक बना दिया है.

5.सेक्स दमन– कुरैशी मानते हैं कि सेक्स के प्रति संकीर्ण विचार सेक्स को और भड़काता है.हमारे समाज में सेक्स के प्रति स्वतंत्र सोच पर पहरा है.इस कारण बच्चों में यह उग्र रूप में देखने को मिलता है.

कुरैशी जैसे नौकरशाहों के इस विचार से सहमति और सहमति रखने वाले लोगों के अपने तर्क हो सकते हैं.पर कुरैशी का मानना है कि दिल्ली का हालिया बलात्कार मामले में एक लड़का महज 17 साल का है.अगर कानूनी रूप से यौवन उम्र को 16 माना गया होता तो उसे भी वही सज़ा मिलती जो अन्य आरोपियों को जिनकी उम्र 18 या उससे अधिक है

प्रिये पाठकों कुरैशी की बातों से आप सहमत हैं या असहमत.आप अपनी राय हमें दे सकते हैं.

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