जानिए…कैसे, कैसे साइबर अपराध

इंटरनेट ने हमारे जीवन को आसान बनाया है वहीं इसने अपराध के नये तरीके भी विकसित किये हैं.तेजी से पांव पसारते साइबर अपराध के इस दौर में नौकरशाही डॉट इन अपने पाठकों के लिए संबंधित जानकारियां पेश कर रहा है.

साइबर अपराध निम्नलिखित तरह के होते हैं-

हैकिंग– साधारण भाषा में कह सकते हैं कि किसी के कम्प्युटर सिस्टम में गैरकानूनी तरीके से घुसपैठ करना.इसे क्रैकिंग भी कहते हैं.इस अपराध को करने वाले को हैकर कहते हैं. हैकर अपने लक्षित कम्प्युटर पर रेडीमेड प्रोग्राम के द्वारा अटैक करते हैं. आम तौर पर हैकर धन ऐंठने के लिए इस तरह का काम करते हैं.इसके द्वार क्रेडिट कार्ड की सूचनायें आदि चुराई जाती हैं.

चाइल्ड पोर्नोग्राफी– इंटरनेट के बढ़ते चलन से ग्लोबल लेवल पर ब्च्चों को सेक्सुअली नुकसान पहुंचाने के लिए चाइल्ड पोर्नोग्राफी नेट पर काफी बढ़ गई है.चूंकि इंटरनेट की पहुंच अब घर घर तक हो गई है इसलिए बच्चे इस अपराध के आसानी से शिकार हो रहे हैं.इसके तहत अपराधी बच्चों से सम्पर्क करते हैं.उनका विश्वास जीतते हैं और उनके ईमेल से सम्पर्क बनाते हैं और उस सम्पर्क का दुर्पोयग करते हैं.

साइबर स्टाकिंग– इसके तहत साइबर अपराधी अपने लक्षित व्यक्ति को अनेक तरह से परेशान करते हैं.उनके नम्बर पर काल करना, उनका पीछा करना उन्हें तंग करने के लिए लगातार मैसेज करना आदि.

वायरस आक्रमण– इसके तहत साइबर अपराधी कुछ ऐसे सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हैं जो आपके कम्प्युटर सिस्टम को नुकसान पहुंचाते हैं.वे अटैचमैंट के द्वारा( इनमें वायरस, वर्म, टार्जन हॉर्स, लॉजिक हॉर्स) आदि आपके कम्प्युटर पर भेजते हैं.

डिनायल ऑफ सर्विस अटैक– इसके तहत साइबर अपराधी आपके बैंडिविथ को नुकसान पहुंचाने के लिए स्पेम मेल से आपके इनबॉक्स को भर देते हैं और आपको आवश्यक सूचनाओं से वंचित कर देते हैं.

सॉफ्टवेयर पाइरेसी– इसके तहत सॉफ्टवेयर की गैरकानूनी तरीके से कॉपी की जाती है और नकली सॉफ्टवेयर का प्रचल बढ़ाने की कोशिश की जाती है जिससे ऑरिजनल साफ्टवेयर का चलन कम हो जाता है और नतीजे में कम्पनियों को नुकसान उठाना पड़ता है.

इंटरनेट रिले चैट– सर्वर के चैट रूम पर दुनिया के किसी भी कोने से लोग आकर चैट करके अपने लक्षित व्यक्ति को किसी भी तरह से तंग या परेशान कर सकते हैं.

क्रेडिट कार्ड फ्रॉड– इसके तहत अपराधी किसी व्यक्ति के क्रेडिट कार्ड की सूचनाओं के द्वार गैरकानूनी सम्पत्ति की खरीब-बिक्री कर देते हैं. जिसके कारण उस व्यक्ति को आर्थिक हानि के साथ-साथ कई तरह के कानूनी गिरफ्त में आने का भी खतरा रहता है.

नेट एक्सटोर्शन– किसी कम्पनी की गुप्त सूचनाओं को कॉपी करके उस कम्पनी से मोटी रकम वसूल करने के अपराध को नेट एक्सटोर्शन कहा जाता है.

फिशिंग– किसी ईमेल यूजर्स के पास ऐसे ईमेल भेजना जिसमें खुद को वैध कारोबारी या इंटरप्राज बताना और यूजर्स को इस बात के लिए प्रेरित करना कि वह अपनी निजी जानकारियां उसे दे.ये अपराधी ईमेल यूजर्स को अनपे इंटरनेट साइट्स पर अपनी सूचनायें अपलोड करने को भी कह सकते हैं.वह यूजर्स से अपना बैंक अकाउंट,पासवर्ड आदि की सूचनायें लेने की कोशिश करते हैं.

सुधी पाठकों इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद अगर आप कोई टिप्पणी या सुझा देना चाहें तो हमें उसका इंतजार रहेगा. हमारी कोशिश होगी कि हम आपके सुझाव, जरूरतों और टिप्पणियों के अनुरूप और सुधार लायें.

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