जी व नीट के बदले पैटर्न पर चर्चा

रविवार को अमरदीप झा गौतम शिक्षक व मोटिवेटर के साथ एक मार्गदर्शक की भूमिका में नजर आये और उन्होंने इंजिनियरिंग और मेडिकल प्रतियोगी परीक्षाओं के बदले पैटर्न के बारे में छात्रों को समझाया. Eliet Photo

पटना म्युजियम सभागार में आयोजित सेमिनार में एलिट इंस्टिच्यूट के निदेशक गौतम ने बताया कि आईआईटी (जी) और पीएमटी ( नीट) के बदले पैटर्न में 12 वी कक्षा के रिजल्ट को महत्वपूर्ण बना दिया गया है. इसका मतलब यह हुआ कि अब छात्रों को मात्र प्रतियोगी परीक्षा पर ध्यान केंद्रित करने के बजाये 12 वीं के रिजल्ट पर भी ध्यान देना होगा.

उन्होंने छात्रों को समझाया कि आईआईटी या मेडिकल में प्रवेश पाने के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि 12 वीं के प्राप्तांक का 40 प्रतिशत और प्रतियोगी परीक्षा का 60 प्रतिशत अंतिम चयन का आधार बना दिया गया है. ऐसे में छात्रों को अपनी तैयारी भी इसी बात को ध्याम में रख कर करनी होगी.

उन्होंने शिक्षक के अलावा मोटिवेटर के रूप में भी खुद को पेश किया और छात्रों को सहज भाव में रहते हुए तनावरहित तैयारी के गुर सिखाये.

लगभग डेढ़ घंटे के अपने संबोधन में गौतम ने अपनी कवितायें सुना कर छात्रों में जोश भरने की कोशिश की-

तू जीवन जोति जगाये जा
तू गीत अकेला गाये जा
नित नूतन ज्ञान सुनाये जा

कब तक रहेगा मौन यहां
फिर आह सुनेगा कौन यहां.
.

इस सेमिनार में आयो छात्रों ने अमरदीप झा गौतम की साहित्यिक शैली में भौतिकी जैसे जटिल विषय को समझाने के कला की तारीफ की.

इस अवसर पर लेखक रत्नेश्वर ने भी छात्रों को जीत हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया. उन्होंने कहा कि जीत लक्ष्य मात्र को प्राप्त कर लेने का नाम नहीं है. असल जीत तो वह है जिससे समाज का भला हो. इस मौके पर बालमुकुंद सरिया के मार्केंटिंग मैनेजर दिनेश कुमार ने अपनी बातों से छात्रों में जोश जगाने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि जीत की प्रेरक शक्ति आपके अंदर है आप इस शक्ति को जागृत करें. सेमिनार में नौकरशाही डॉट इन के सम्पादक इर्शादुल हक ने भी अपने विचार रखे.

इस अवसर पर एलिट इंस्टिच्यूट के छात्रों के अलावा बाहर के छात्र भी मौजूद थे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*