जेल के दिन-रात

बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल में लालू के दिन-रात कैसे होंगे और उनको कौन सी सुविधायें मिलेंगी क्या कहता है जेल मैनुअल आप भी जानिए-lalujail

जेल मैनुअल के सेक्शन 844(2) के अनुसार लालू प्रसाद को उच्च श्रेणी के कैदी के बतौर वे सभी सुविधाएं मिलेंगी जो उच्च श्रेणी के बंदियों को मिलती हैं. वे पसंदीदा भोजन के साथ-साथ मनपंसद कपड़े भी पहन सकेंगे. उन्हें कुर्ता पाजामा, मोजे, ऊनी कपड़े, मच्छरदानी भी दिये जायेंगे. वह अपना मनपसंद भोजन खाने के भी हकदार होंगे.

उन्हें लिट्टी बहुत पसंद है. मैनुअल के मुताबिक लालू प्रसाद को दो लोग मिलेंगे जो उन्हें खाना बना कर खिला सकते हैं. ये लोग सजाफा याफता कैदी होंगे.

कुछ लोगों का कहना है कि वह खैनी और पान का भी सेवन कर सकते हैं. उन्हें अन्य बंदियों की तुलना में जेल परिसर में एक घंटा अधिक वक्त गुजारने की छूट रहेगी. इस जेल में फिलहाल उच्च श्रेणी के पांच बंदी हैं. वह दूरदर्शन देख सकते हैं. फिलहाल निजी चैनल की अनुमित जेलों में नहीं है.

उन्हें अखबार, पत्रिकायें और उनकी पसंद की किताबें तो मिलेंगी ही वह अगर लिखना चाहें तो उन्हें कलम और कागज भी मुहैया कराये जा सकते हैं. उन्हें सोने के लिए एक चौकी भी दे दी गयी है. कारा अधीक्षक की अनुमति से वे बाहर के खाने का भी आनंद ले सकेंगे.

जबकि जेल में उन्हें प्रतिदिन चावल, दाल, सब्जी, दूध या दही, घी, फल आदि मिलेंगे. बंदियों से मुलाकात का समय सुबह आठ से 12 बजे और शाम तीन से चार बजे तक निर्धारित है पर विशेष परिस्थितियों में जेल अधीक्षक की अनुमति से लालू से निर्धारित समय के बाद भी मुलाकात करने वालों को इजाजत होगी कि वे उनसे मिलें. लेकिन इस तरह की मुलाकात सिर्फ उनके परिजनों, विधि सलाहकार अथवा उनके खास मित्रों के लिए होगी.

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