झारखंड बंद: भूमि अधिग्रहण के खिलाफ तमाम विपक्षी दलों ने दी रघुबर सरकार को चुनौती

 झारखंड में भूमि अधिग्रहण कानून को निरस्त करने की मांग को ले कर विपक्ष के संयुक्त बंद का व्यापक असर पड़ा है. विभिन्न विपक्षी दलों द्वारा आयोजित इस बंद के दौरान लोगों ने रांची समेत तमाम जिलों में बंद रखा.

इस अवसर पर सीपीआईएमएल के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने  झारखंड बंद की सफलता के लिए राज्य की जनता को सैल्यूट किया और उनका शुक्रिया अदा किया कि उन्होंने बंद को व्यापक रूप से सफल बनाया.

झारखंड बंद को तमाम विपक्षी दलों का समर्थन था

 

दीपांकर ने कहा कि  मोदी ने आम लोगों के अधिकारों पर पाबंदी लगाने की कोशिश की तो उन्हें सफलता नहीं मिली. उन्होंने झारखंड के रघुबर सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि वह झारखंड में भूमि अधिग्रहण अध्यादेश खत्म हो कर रहेगा.

इससे पहले झारखंड बंद की पूर्व संध्या पर भी विपक्षी दलों ने  विशाल जन प्रदर्शन किया था.

 

बंद के दौरान पुलिस ने 500 से अधिक बंद समर्थकों को डिटेन किया. एडीजी आपरेशन्स व झारखंड पुलिस के प्रवक्ता आरके मलिक ने कहा कि पांच सौ से अधिक बंद समर्थकों को हिरासत में लिया गया है. उन्होंने स्वीकार किया कि बंद के दौरान व्यापक पैमाने पर सड़क व रेल मार्गों को अवरुद्ध करने की कोशिश की गयी.

बंद के समर्थन में टेक्सी व रिक्सा चालकों के संघ ने भी पूरा समर्थन दिया था. जिसके कारण सड़कों पर वहन कम दिखे. इस बीच बंद के कारण लगभग सभी जिला मुख्यालयों के स्कूल और कालेज बंद रहे.

गौरतलब है कि झारखंड की रघुबर सरकार ने आदिवासियों की जमीन अधिग्रहण से संबंधित अध्यादेश पारित किया था. इसके तहत उनकी जमीन के अधिग्रहण का अधिकार राज्य सरकार ने जबरन लेने की बात कही थी. इसके खिलाफ सीपीआई एमएल,कांग्रेस, राजद समेत झारखंड की तमाम विपक्षी पार्टियों ने बंद का आह्वान किया था.

 

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