झूठ का पुलिंदा साबित हुए चुनाव सर्वे

विधानसभा चुनाव परिणामों में एक्जिट पोल सर्वे शर्मनाक तौर पर फ्लॉप साबित हुए हैं, पोल एजेंसिया और न्यूज चैनल इस पर आदतन चुप हैं. आप भी इन सर्वेक्षणों की हकीत देखें-exit-poll-results

इन सर्वेक्षणों की यह भविष्यवाणी तो सही रही कि भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरेगी लेकिन यह एक साधारण वोटर भी ऐसा आंकलन कर रहा था. जहां तक संख्या के सटीक आंकलन में टीवी चैनल और सर्वे एजिंसियों का सवाल है तो वे मुंह दिखाने के लायक नहीं रहे.

कुछ बानगी आप भी देखें कि ये पोल सर्वे कितने गलत साबित हुए. हां यहां यह बताना जरूरी है कि पोल एजेंसी चाणक्य का सर्वे एक हद तक लाज बचाने वाला रहा.
दिल्ली

कोई भी टीवी चैनल या पोल एजेंसी दिल्ली में आप की अप्रत्याशित सफलता के बारे में सोचा भी नहीं था. हां इस मामले में चाणक्य का आंकलन कुछ हद तक सही रहा. इसने आपको 31 सीट का आकलन किया था जबकि आप को 28 सीटें मिलीं. जबकि टाइम्स नाऊ-सी वोटर ( आंकलन 15), एबीपी-एजी नेल्सन-15, इंडिया टीवी-15, इंडिया टुडे- ओआरजी-6 सीटे बांट रहे थे.
सींटों का इतना अंतर टीवी चैनलों- पोल एजेंसियों की विश्वसनीयता पर फिर से सवाल खड़ा कर दिया है.

राजस्थान

राजस्थान में भी पोल एजेंसियां और टीवी चैनलों की मिट्टी पलीद हो गयी है. यहां भी एक ले-मैन यह मान रहा था कि भाजपा सत्ता में आयेगी, इस लिए जांच एजेंसियों ने अगर भाजपा की जीत का अनुमान लगाया तो यह आश्चर्य की बात नहीं.

लेकिन जब आप उनके सीटों के आकलन को देखेंगे तो यहां भी पोल सर्वे ताश के पत्तों की तरह धराशाई हो गये हैं. राजस्थान में कोई भी पोल सर्वे भाजपा को 147 सीट से ज्यादा नहीं दे रहा था. जबकि भाजपा की यहां लहर चली और उसे 162 सीटें मिलीं.

जबकि टाइम्स नाऊ-सी वोटर ( आंकलन 130), आईबीएन-136, इंडिया टीवी-130, इंडिया टुडे- ओआरजी-110, चाणक्य- 147 सीटे बांट रहे थे. जबकि

मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में भी एक्जिट पोलों का अनुमान झूठ का पुलिंदा साबित हुए हैं. हालांकि यहां भी पोल एजेंसी चाणक्य की मामूली तौर पर लाज बची है. यहां भी भाजपा की सफलता एक्जिट पोलों के अनुमान से काफी अलग रहे. चुनाव परिणाम के अनुसार भाजपा को यहां 165 सीटें मिली हैं. जबकि पोल सर्वे में किसी ने भी उसे 128-138 सीट से ज्यादा आने की बात नहीं की थी, एक चाणक्य को छोड़ कर.

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ ही मात्र एक राज्य रहा जहां चुनाव सर्वेक्षण और चुनाव परिणाम में बहुत भारी अंतर नहीं रहा. हालांकि यहां भी चाणक्य का सर्वे तमाम टीवी चैनलों के सर्वे से कुछ हद तक हकीकत के करीब रहे.
छत्तीसगढ़ में भाजपा-कांग्रेस की कांटे की टक्कर का अंदाजा लगाने में एग्जिट पोल थोड़ा कामयाब रहे। चाणक्य के एग्जिट पोल के नतीजे कहीं-कहीं जरूर हकीकत के करीब रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*