डीआईजी रिश्वत मामला:नीतीश ने कहा भ्रष्टों को न बख्शें

शराब व्यवसायी का भयादोहन करने और दस करोड़ रुपये रिश्वत मांगने के मामले में आरोपों से घिरे सारण के डीआईजी आलोक कुमार के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डीजीपी कोअभ्यानंद को हरी झंडी दिखा दी है.

विनायक विजेता

आलोक कुमार, दस करोड़ रिश्वत मांगने का आरोप

सोमवार को डीजीपी मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे और उन्हें प्रमाण के साथ डीआईजी पर लगे आरोपों से अवगत कराया. सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री से लगभग एक घंटे की लंबी और मैराथन बातचीत के बाद सीएम ने डीजीपी को ऐसे किसी भी भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की खुली छूट दे दी.

पढ़ें- आईपीएस ने मांगी दस करोड़ की रिश्वित
ये भी जरूर पढ़ें-डीआजी का बिचौलिया जदयू विधायक का साला

अब 72 घंटे के अंदर आलोक कुमार पर कार्रवाई तय मानी जा रही है.पता चला है कि उनपर कार्रवाई के पहले पुलिस मुख्यालय उनका पक्ष जाने के लिए उन्हें 24 घंटे के अंदर मुख्यालय तलब कर सकता है.

इधर चर्चा है की मुख्यमंत्री से हरी झंडी मिलने के बाद सारण के लिए एक नए डीआईजी की खोज प्रारंभ हो गई है.गंभीर आरोपों से घिरे आलोक कुमार का निलंबन तय माना जा रहा है और सारण से उनका स्थानांतरण भी.

गौरतलब है कि आलोक कुमार के पिता स्व.रामचंद्र पासवान 60 के दशक में फतुहा से विधायक रहे हैं और मंत्री भी.

सूत्रों के अनुसार अकूत संपत्ति के मालिक आलोक कुमार की पटना और दिल्ली में करोड़ो रुपयों की चल अचल संपत्ति है.कहा तो यहां तक जा रहा है कि पटना के नजदीक गौरीचक में उन्होंने आठ एकड़ जमीन ले रखी है.इसके अलावा पाटलिपुत्रा और वाल्मी में भी इन्होंने काफी जमीन और रिहायशी मकान ले रखा है.दिल्ली में भी इनका एक शानदार फार्म हाऊस है.

आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में भी उनपर मामला दर्ज हो सकता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*