डीएम ने कहा स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमा हटाओ

सारण के आनंदपुर से स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमा हटा कर उनके पैतृक भूमि पर स्थापित करने के डीएम के फैसले से लोग अचंभित हैं. shiv.vachan

विनायक विजेता

स्व. शिववचन सिंह देश की आजादी के संघर्ष के दौरान वर्षों तक जेल में रहे और फिर सोनपुर के विधायक भी रहे.
हालांकि इस प्रतिमा को हटाने के आदेश के सिलसिले में डीएम कुंदन कुमार का तर्क यह है कि अदालत ने उन्हें जांच कर फैसला लेने का निर्देश दिया था.
जबकि इसका महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि इस प्रतिमा को विधायक फंड 2001 में स्थापित किया गया था. ध्यान रहे कि विधायक फंड का आवंटन खुद डीएम के स्तर से ही होता है.

बताते चलें कि शिववचन सिंह ने, 1932 में क्रांतिकारी बैकुण्ठ शुक्ल को अंग्रेजों द्वारा फांसी पर लटकाए जाने के बाद शुक्ल को पकड़वाने वाले सीआईडी इंस्पेक्टर पर प्राणलेवा हमला किया था जिसके लिए उन्हें चार साल की सजा हुई थी.

हालांकि सारण के डीएम ने मूर्ति हटाने के निर्देश में हाइकोर्ट का हवाल दिया है जबकि हाइकोर्ट ने वहां के एक स्थानीय मूर्गा दुकानदार प्रमोद कुमार सिंह की अर्जी पर मामले की जांच कर डीएम को निर्णय लेने का आदेश पारित किया है पर जिलाधिकारी ने बिना कोई जोच किए ही मूर्ति को हटाने का निर्देश दे डाला.

डीएम ने अपने आदेश में कहा है कि स्व. शिववचन सिंह की प्रतिमा आनंदपुर चौराहे से हटाकर उनकी ही जमीन में स्थापित कर दी जाए। अब सवाल यह उठता है कि क्या राज्य के सभी स्वतंत्रता सेनानियों की मूर्तिया सरकार ने उनके निजी जमीन में ही स्थापित कर रखी हैं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी एक आदेश पारित कर रखा है जिसमें कहा गया है कि किसी कारणवश अगर किसी प्रतिमा को हटाने की जरुरत पड़े तो उस प्रतिमा को सार्वजनिक स्थान पर स्थित खाली पड़े सरकारी जमीन पर ही स्थापित की जाए।

गौरातलब है कि सोनपुर से पूर्व विधायक रहे स्वतंत्रता सेनानी शिववचन सिंह आजादी और अन्य सामाजिक आंदोलन में अपनी जिन्दगी के 14 वर्ष जेल में ही गुजार दिए.

वे 1950 ई. में जयप्रकाश नारायण द्वारा बनाए गए कांग्रेस सोसलिस्ट पार्टी के सारण जिला के प्रथम सचिव थे। इसके पूर्व 1940 में वे किसान सभा के प्रथम सारण जिलाध्यक्ष थे। जयप्रकाश नारायण के निर्देश पर उन्होंने सोनपुर में रेल मजदूर यूनियन की स्थापना की। वर्ष 1939 में लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने सोनपुर में समाजवादियों की राज्यस्तरीय ग्रीष्मकालीन विद्यालय चलाया था जिसके कर्ताधर्ता शिववचन सिंह ही थे।

इधर सोनपुर की जनता डीएम के आदेश से काफी रोष में है। वहां की जनता और पदाधिकारी भी स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के मौके भारी तादात में स्व. शिववचन सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते आए हैं। एक महान स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमा के अनादर की चल रही साजिश से वहां के लोगों ने मुख्यमंत्री सहित तमाम आलाधिकारियों को भी पत्र के माध्यम से अवगत कराया है।

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