तकनीकी ने न्यायिक प्रक्रिया की गुणवत्ता में की बढ़ोत्तरी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज अधिवक्ताओं और न्यायाधीशों से तकनीक और डिजिटल क्रांति का उपयोग करने की सलाह देते हुए कहा कि इससे दलील और फैसले की गुणवत्ता में आमूलचूल परिवर्तन आ सकता है ।pm

 

पटना हाईकोर्ट के शताब्‍दी समारोह के

समापन मौके पर पीएम का संबोधन

श्री मोदी ने पटना उच्च न्यायालय के शताब्दी समारोह के समापन के मौके पर कहा कि आज की पीढ़ी को जो सौभाग्य प्राप्त है, वह पुरानी पीढ़ी को प्राप्त नहीं था । आज सूचना तकनीक का जो लाभ आसानी से प्राप्त है, उसके जरिये अधिवक्ता और न्यायाधीश न्यायालय में बहस और फैसले की गुणवत्ता में अमूलचूल परिवर्तन ला सकते है । उन्होंने कहा कि आज गुगल पर सारी जानकारी और सूचना उपलब्ध है और चाहे तो वकील अपने केस से संबंधित अन्य कोर्ट के फैसलों को प्राप्त कर अपनी दलील की गुणवत्ता को बढ़ा सकते है ।

 

प्रधानमंत्री ने बार कौंसिल को सुझाव दिया कि वे हर वर्ष कोर्ट बुलेटिन निकाले और उसमें सबसे पुराने लम्बित मामलों की जानकारी दें । इससे पुराने केसों का निपटाने के संबंध में संवेदनशीलता जगेगी । उन्होंने कहा कि इससे परिणामलक्षी कार्य के लिए प्रेरणादायक माहौल भी बनेगा । श्री मोदी ने कहा कि आजादी की लड़ाई में वकीलों का बड़ा योगदान था और आजादी के बाद  भी जब देश पर मूलभूत संकट आया तब न्यायालय और अधिवक्ताओं ने इसके खिलाफ लड़ाई में ताकत दी। उन्होंने कहा कि पटना उच्च न्यायालय के शताब्दी समारोह का यह समापन कार्यक्रम है, लेकिन एक प्रकार से यह कार्यक्रम नई सदी की जिम्मेवारियों का आरंभ भी है।
श्री मोदी ने कहा कि इस प्रकार के समारोह का जब आयोजन होता तब उसके साथ-साथ नये संकल्पों का भी अवसर होता है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जिसके पास शताब्दी की विरासत है , वह देश को बहुत कुछ दे सकता है।

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