डीएम स्पोलिया दूसरी बार दिल्ली के मुख्यसचिव क्यों बने?

उन्हें केजरीवाल सरकार ने मुख्यसचिव के पद से हटवा दिया था. लेकिन अब जब केंद्र में भाजपा सरकार आ गयी तो दीपक मोहन स्पोलिया फिर से दिल्ली के मुख्यसचिव बना दिये गये. क्यों?

केजरीवाल ने बाहर का रास्ता दिखावाया था, अब फिर सत्ता के शीर्ष पर स्पोलिया

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दिल्ली भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय के केंद्रीय गृह मंत्री साथ मुलाकात के बाद दीपक मोहन स्पोलिया फिर से दिल्ली के मुख्यसचिव बना दिये गये हैं. उन्हें तत्कालीन केजरीवाल सरकार ने हटा दिया था.

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समझा जाता है कि भाजपा दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने राजनाथ सिंह से कह था कि निवर्तमान मुख्यसचिव एसके श्रीवास्तव का रवैया अड़ियल था.

दीपक मोहन स्पोलिया 1979 बैच के आईएएस हैं. पिछले साल केजरीवाल सरकार ने उन्हें हटा कर एसके श्रीवास्तव को मुख्यसचिव बनवाया था.

दीपक मोहन भाजपा और कांग्रेस दोनों के करीबी माने जाते हैं. जहां एक तरफ भाजपा ने उन्हें मुख्यसचिव बनवाने का आग्रह किया वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने उनकी नियुक्ति का जोरदार स्वागत किया है.कांग्रेस के प्रवक्ता मुकेश शर्मा ने स्पोलिया को दिल्ली का मुख्य सचिव बनाए जाने का स्वागत करते हुए कहा है कि केंद्र की एनडीए सरकार ने उस अधिकारी पर फिर से भरोसा जताया है जिसे शीला दीक्षित सरकार में शीर्ष काम के लिए चुना था.
अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम-यूनियन टेरीटरीज कैडर के आईएएस अधिकारी स्पोलिया को केजरीवाल के आग्रह पर गृह मंत्रालय ने जनवरी में मुख्य सचिव के पद से हटा दिया था. दिसंबर 2012 में वे पहली बार मुख्य सचिव बने थे और इस साल जनवरी में उन्हें दिल्ली के वित्त कमीश्नर के पद पर स्थानांतरित कर दिया गया था.

उधर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्रीवास्तव (1980 बैच) को अभी कोई नया प्रभार नहीं दिया गया है. दिल्ली का मुख्य सचिव बनाए जाने से पहले श्रीवास्तव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में विशेष सचिव व वित्तीय सलाहकार के पद पर रह चुके थे.

स्पोलिया को दिल्ली की 800 अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के लिए कदम उठाने का श्रेय दिया जाता है. सूत्रों का कहना है कि अगले विधानसभा चुनाव से पहले बाकी की 800 अवैध कॉलोनियों का नियमन सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है.

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