दूर होगी सरकारी दफ्तरों में उर्दू जानकारों की कमी, 1765 पद पर बहाल होंगे अनुवादक

पटना । सरकारी दफ्तरों में अब उर्दू के जानकारों की कमी दूर होगी। कैबिनेट की मंगलवार को हुई बैठक में काफी दिनों से लंबित पड़े उर्दू अनुवादक संवर्ग नियमावली 2016 को मंजूरी दे दी गयी है। साथ ही उर्दू अनुवादकों के 1765 पदों के सृजन को भी मंजूरी मिल गयी है।

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कैबिनेट की बैठक के बाद फैसलों की जानकारी देते हुए मुख्यसचिव अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि मंत्रिपरिषद् ने मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग (उर्दू निदेशालय) के अन्तर्गत ‘बिहार राजभाषा (संशोधन) अधिनियम 1980 (बिहार अधिनियम 2, 1981)’ के आलोक में 17 अप्रैल, 1981, 29 जून, 1989 तथा 16 अगस्त, 1989, निर्गत अधिसूचनाओं में दिये गये निर्देश के संदर्भ में उर्दू निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अधीन द्वितीय राजभाषा (उर्दू) के समुचित विकास-विस्तार, प्रचार-प्रसार एवं सफल कार्यान्वयन के लिए राज्य के जनसम्पर्क संबंधी महत्वपूर्ण कार्यालयों में ‘बिहार राज्य उर्दू अनुवादक संवर्ग नियमावली 2016’ के अन्तर्गत विभिन्न कोटि के कुल-1765 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गयी है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कुल 21 एजेंडों पर मुहर लगी। बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने बिजली बिल पर सब्सिडी देने का एलान किया। इसके तहत ग्रामीण घरेलू सिंगल फेज उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 3 रुपये 45 पैसे का सब्सिडी मिलेगा, जबकि घरेलू शहरी उपभोक्ताओं डबल फेज को 1 रुपया 83 पैसे की सब्सिडी दी जायेगी। गैर घरेलू ग्रामीण सिंगल फेज को 2 रुपया 92 पैसे प्रति यूनिट सब्सिडी, गैर घरेलू शहरी डबल फेज को मात्र 53 पैसे की सब्सिडी, गैर घरेलू शहरी डबल फेज, कृषि एवं सिचाई सिंगल पर 5 रुपया 11 पैसा की सब्सिडी मिलेगी।

कुटीर उद्योग लगाने वाले को 3 रुपया 98 पैसा की सब्सिडी मिलेगी। कैबिनेट की बैठक में जिन एजेंडों पर मुहर लगी, उनमें जमुई में महिला डिग्री कॉलेज खोलना, गृह विभाग में एक और प्रशाखा खोलना, 349 जूनियर इंजीनियरों को एक साल का सेवा विस्तार, कैबिनेट ने बिजली बिल पर सब्सिडी के लिए 4137 करोड़ मंजूर किये। साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक से सीधे एनटीपीसी को भुगतान करने की भी मंजूरी दी गयी। बिहार अवर वन सेवा नियमावली 2018 को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली।

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