देखिए यह है बिहार सरकार का शपथ पत्र

पुलिस जीप से एक बच्चे के कुचलने के 20 महीने बाद एफआईआर दर्ज करने की वजह अगर बिहार सरकार यह बताये कि काम के बोझ के चलते यह देरी हुई तो आपकी क्या प्रतिक्रिया होगी?

यह बात बिहार सरकार ने पटना हाईकोर्ट में दायर अपने शपथ पत्र में कही है.

छह साल के बच्चे को पुलिस जीप ने 6 अप्रैल 2011 को कुचल दिया था.यह जीप एक मंत्री के सुरक्षा काफिला का हिस्सा थी. जब बच्चे के पिता की लाख फरियाद के बावजूद पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया. तब उन्हें बाढ़ की अदालत की शरण में जाना पड़ा. पुलिस ने अदालत के बार बार आदेश देने के बावजूद केस दर्ज नहीं किया.

इस बीच स्थानीय अदालत ने एक दो बार नहीं बल्कि 19 बार आदेश जारी कर कहा कि केस दर्ज किया जाये. पर स्थानीय प्रशासन ने एक न सुनी.

अब पटना हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को कहा है कि वह केस दर्ज करने में हुई देरी की वजह फिर से बताये. और यह भी बताये कि उसके ऊपर काम का कितना दबाव है कि वह मामला दर्ज करने में टालमटोल करती रही.
न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार ने मृतक बच्चे सोनल के पिता राजकुमार द्वार क्रिमनल रिट पेटिशन दायर करने के बाद सरकार को यह निर्देश दिया है.

कोर्ट ने यह भी कहा है कि मंत्री की सुरक्षा में लगी स्काट पार्टी के अधिकारियों पर क्या कार्वाई की गयी है यह भी बताये.

इससे पहले राज कुमार के वकील ने उच्च न्यायालय को बताया था कि अप्रैल 2011 से लेकर मई 2012 तक स्थानीय थाना, डीएसपी और एसपी को 19 बार आदेश जारी कर कहा था कि आरोपी पुलिस वालों पर केस दायर किया जाये. लेकिन पुलिस ने इस आदेश पर मल नहीं किया था.

मामला उच्च न्यायालय में चल रहा है

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