देश जलाऊ पत्रकारों ने ‘पॉपुलर फ्रंट जिंदाबाद’ को ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ बना कर आग लगाने का षड्यंत्र रचा

पत्रकारिता समाज को जोड़ने के बजाये घृणा और विष फैलाने की भूमिका में उतर आये तो यही होगा जो पटना में हुआ. शुक्रवार को मीडिया के एक हिस्से ने अपनी जहरीली मानसिकता का असर पत्रकारिता धर्म पर उतार दिया.

प्रदर्शन करते पीएफआई के कार्यकर्ता

प्रदर्शन करते पीएफआई के कार्यकर्ता

इर्शादुल हक, एडिटर नौकरशाही डॉट कॉम

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार की नमाज के बाद जाकिर नाइक और असदुद्दीन ओवैसी के समर्थन में प्रदर्शन किया. इस दौरान पटना युनिवर्सिटी से होते हुए प्रदर्शनकारी कारगिल चौक तक गये और इस दौरान केंद्रीय सरकार होश में आओ, पॉपुलर फ्रंट जिंदाबाद के नारे लगाये. लेकिन शाम होते-होते मीडिया के एक हिस्से ने पॉपुलर फ्रंट जिंदाबाद को पाकिस्तान जिंदाबाद कहके दुष्प्रचारित करना शुरू कर दिया. देखते ही देखते सोशल मीडिया पर यह वीडियो वॉयरल होने लगा. जिसमें पॉापुलर फ्रंट जिंदाबाद के नारे को पाकिस्तान जिंदाबद  बताया जाने लगा.

इस वीडियो को गौर से सुनिये. याद रहे कि इसे सुनने के  लिए मन मष्तिष्क को पूरी तरह से सचेत रखने की जरूरत है. इसमें भीड़ जो नारा लगा रही है उसे एक बार नहीं, बार बार सुनिये तब सारी बातें साफ हो जायेंगी. आप इस लिंक पर क्लिक कर वीडियो को सुन सकते हैं.

http://hindi.eenaduindia.com/State/Bihar/2016/07/16131528/fir-on-Pakistan-zindabad-slogans-raised–in-patna.vpf

पत्रकारिता धर्म जब  पत्रकारिता के अपने ही अलमबरदारों से जब शर्मशार होने लगे तो समाज का भाईचारा छिन्न-भिन्न तो होता ही है इसका कई बार विस्फोटक परिणाम भी सामने आने लगता है. लेकिन पटना की जनता और अमन पसंद लोगों के साथ कुछ पत्रकारों और मीडिया घरानों ने  घृणा फैला कर एक समुदाय के लोगों की देश के प्रति वफादारी के साथ जिस तरह धोखा किया है वह  पत्रकारिता को कलंकित करने वाला है. हद तो तब हो गयी  जब कुछ स्थानीय चैनलों द्वारा और सोशल मीडिया के लापरवाह लोगों द्वारा इस वीडियो के अर्थ को अनर्थ  तो निकाला ही गया लेकिन शनिवार की सुबह कई बड़े और जिम्मेदार अखबारों ने भी इस झूठ को देश की जनता के सामने परोस दिया. बस तब क्या था उसके बाद साम्प्रदायिक और उन्मादी राजनीति करने वालों के बयान भी आने लगे.

अशांति और घृणा फैलाने का हो मुकदमा

मीडिया की भूमिका यथार्थ को सामने लाने की रही है. लेकिन पिछले कुछ वर्षों में पत्रकारों का एक वर्ग और  मीडिया घरानों का एक हिस्सा घृणा प्रसारित करने वाले माध्यम बन गये हैं. जिसका नतीजा यह सामने आने लगा है कि समाज में वैमन्सय, घृणा, साम्प्रदायिक तनाव अपने चरम पर है. जहां तक बिहार की धरती की बात है तो यहां की बहुसंख्य जनता अमन पसंद है और यही कारण है कि पटना में हुए इस प्रदर्शनकारियों के प्रति मीडिया के एक वर्ग द्वारा उगले गये जहर के बावजूद अमन कायम रहा.

मुस्लिम और दलित बनते हैं मीडिया के शिकार

बात सीधी सी है. भारत की धरती की एक एक संतान भारत से प्रेम करे, इसकी उम्मीद सभी को रहती है. अगर कोई भारत का नागरिक भारत की धरती से पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाये तो उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिये. लेकिन अगर कोई पॉपुलर फ्रंट जिंदाबाद कहे और उसे विषैली मानसिकता के पत्रकार और मीडिया घराने पाकिस्तान जिंदाबाद बना के पेश करें तो उनके खिलाफ भी ऐसी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिये कि वो ताउम्र न भूल सके. सवाल यह है कि सामंतवादी, ष्ड्यंत्रकारी मीडिया के शिकार मुस्लिम और दलित ही बनते हैं.

अखबार ने इस्लामी झंडे को पाकिस्तानी झंडा बताया था

यहां बता दें कि कुछ महीने पहले एक बड़े अखबार ने राजस्थान में कुछ मुसलमानों द्वारा हरे रंग के इस्लामी झंडा फहराने को पाकिस्तानी झंडा फहराने की अफवाहबाजी की थी. लेकिन वहां के प्रशासन ने इस जहरीली मानसिकता को बेनकाब कर दिया था और तब उस अखबार को माफी मांगनी पड़ी थी.

बिहार सरकार और प्रशासन को इस मामले में चाहिए कि इस वीडियो फुटेज को बारीकी से देखे. और उन तमाम मीडिया घरानों पर समाज में द्वेष, घृणा फैलाने और शांति भंग करने का मामला दर्ज करे.

About The Author

इर्शादुल हक ने बर्मिंघम युनिवर्सिटी इंग्लैंड से शिक्षा प्राप्त की.भारतीय जन संचार संस्थान से पत्रकारिता की पढ़ाई की.फोर्ड फाउंडेशन के अंतरराष्ट्रीय फेलो रहे.बीबीसी के लिए लंदन और बिहार से सेवायें देने के अलावा तहलका समेत अनेक मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे.अभी नौकरशाही डॉट कॉम के सम्पादक हैं. सम्पर्क irshad.haque@gmail.com

 

 

 

3 comments

  1. Musalmanon ko hr baat pe ye safai nhi deni chahye k hm Hindustan se hm apne mulk se pyar krte hain ya nhi.Jab khuda na kre aisa waqt ayaa to Hindustan k musalman ye dikha denge mulk khatir mar mitne ka jazba kis qaom k andar h.ye jazba Hundustan k musalman pahle bhi sabit kr chuke hain or aage bhi Insha Allah sabit qadam rahen ge. Haqeekat ye h k ye Bharat mata ki jai kahne waale hi RSS BJP k log pahle bhi Angrezon se mil kr mulk se ghaddari kr chuke hain or aaj bhi mulk ko todne ki siyasat kr rhe hain in logon ki chaal se mulk k musalmanon ko hoshyar rahne ki zarurat h.kyon k inhi logon ki wajah se ek baar mulk ka taqseem ho chuka h.

  2. नौकरशाहों की दलाली करते करते आतंकियों और देशद्रोहियों की पैरोकारी करने लगे ? उस वीडियो में साफ-साफ पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लग रहे हैं और आपको पॉपुलर फ्रंट जिंदाबाद सुनाई दे रहा है ? पत्रकारिता की आड़ में इस तरह की बेशरम हरकत करते हो नौकरशाही !!!

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